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राहुल का PM पर निशाना, कहा-केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करने की योजना

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि PM मेरिट लिस्ट से छेड़छाड़ कर केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करना चाहते हैं.

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राहुल का PM पर निशाना, कहा-केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करने की योजना

राहुल गांधी ने कहा कि PM मेरिट लिस्ट से छेड़छाड़ कर केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करना चाहते हैं.

खास बातें

  1. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
  2. कहा- पसंदीदा अधिकारियों को भर्ती करने की योजना
  3. छात्रों को कहा-अापका भविष्य खतरे में है
नई दिल्ली:
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि PM मेरिट लिस्ट से छेड़छाड़ कर केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करना चाहते हैं. उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक पत्र डालते हुए लिखा है कि, 'छात्रों जग जाओ, आपका भविष्य खतरे में है. आरएसएस वह चाहता है, जो आपका अधिकार है'. ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने हैशटैग के रूप में  #ByeByeUPSC भी लिखा है. आपको बता दें कि राहुल गांधी का यह ट्वीट प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से 17 मई को यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) लिखे एक पत्र के बाद आया है. इस पत्र में PMO ने यूपीएससी को फाउंडेशन कोर्स के नंबरों के आधार पर चयनित आवेदकों को कैडर देने का सुझाव दिया है. अभी तक UPSC की परीक्षा में अंको के आधार पर सफल आवेदकों को IAS, IPS, IFS,IRS या दूसरे कैडर आवंटित होते थे. उसके बाद लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में उनका फाउंडेशन कोर्स होता था.अब प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि फाउंडेशन कोर्स के नंबरों के आधार पर चयनित आवेदकों को कैडर मिले.यानि UPSC की परीक्षा में ज्यादा नंबर पाने या टॉप करने के बावजूद ये निश्चित नहीं होगा कि आप IAS या IPS बनेंगे, बल्कि फाउंडेशन कोर्स में मिले नंबर से कैडर अलॉट होगा. इसके पीछे प्रधानमंत्री कार्यालय की सोच यह है कि एक बार UPSC  परीक्षा में सफल होने के बाद सफल परीक्षार्थी फाउंडेशन कोर्स यानि ट्रेनिंग को गंभीरता से नहीं लेता है.अगर फाउंडेशन कोर्स में परीक्षार्थी फेल भी हो जाए तो उसे दोबारा मौका मिलता है. कई बार परीक्षार्थी अपनी रैंक सुधारने के लिए फाउंडेशन कोर्स में शामिल ही नहीं होते हैं. इससे प्रधानमंत्री कार्यालय को लगता है कि नौकरशाहों की बौद्धिक और कार्यशीलता की गुणवत्ता प्रभावित होती है.

यह भी पढ़ें :  परीक्षा का नंबर नहीं फाउंडेशन कोर्स का अंक तय करेगा UPSC का कैडर 


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