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नरेंद्र मोदी सरकार पर राहुल गांधी का वार : केंद्र को गणित में ट्यूशन की ज़रूरत

पिछले साल नोटबंदी के ज़रिये प्रचलन से हटा दिए गए नोटों को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अब भी गिन ही रहा है, इस बात के लिए कांग्रेस ने केंद्र सरकार का मज़ाक उड़ाया है...

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नरेंद्र मोदी सरकार पर राहुल गांधी का वार : केंद्र को गणित में ट्यूशन की ज़रूरत

राहुल गांधी ने ट्विटर पर नोटबंदी के बाद अब तक नोटों की गिनती नहीं हो पाने को लेकर केंद्र सरकार का मज़ाक उड़ाया है...

खास बातें

  1. RBI गवर्नर ने बुधवार को कहा था, नोटों की गिनती का काम पूरा नहीं हुआ
  2. राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, सरकार को गणित में ट्यूशन की ज़रूरत है
  3. पी चिदम्बरम ने कहा, नोट गिनने की मशीनें किराये पर ले सकती है सरकार
नई दिल्ली: पिछले साल नोटबंदी के ज़रिये प्रचलन से हटा दिए गए नोटों को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अब भी गिन ही रहा है, इस बात के लिए कांग्रेस ने केंद्र सरकार का मज़ाक उड़ाया है, और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को गणित में ट्यूशन की ज़रूरत है. पूर्व वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने भी इस बात पर हैरानी जताई कि नोट गिनने के लिए बैंक नई मशीनें क्यों खरीदना चाहते हैं, जब उन्हें किराये पर लिया जा सकता है.

भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को संसद की स्थायी समिति को बताया था कि वह बंद किए गए नोटों की कुल संख्या बताने में अक्षम हैं. उर्जित पटेल ने जानकारी दी कि अधिकारी अब तक नोटों को गिन रहे हैं, और उन्होंने इस काम के पूरा होने के लिए किसी समयसीमा का निर्धारण करने में भी असमर्थता जताई. इस जवाब को लेकर एक सांसद ने उलाहना भी दिया कि क्या नोटों की गिनती काम अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय पर निशाना साधा, और माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, "भारत सरकार गणित का ट्यूटर तलाश कर रही है... प्रधानमंत्री कार्यालय को आवेदन शीघ्रातिशीघ्र भेजें..."

आरबीआई द्वारा नोट गिनने के लिए नई मशीनें खरीदे जाने की ख़बरों को लेकर गुरुवार को ही पूर्व वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने भी आरबीआई पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "नोटबंदी के आठ महीने बाद आरबीआई नोट गिनने की मशील खरीद रही है... क्या आरबीआई ने कभी 'लीज़' शब्द नहीं सुना...?"

पी चिदम्बरम ने मुद्रा लोन स्कीम के अंतर्गत सात करोड़ से ज़्यादा लोगों को स्व-रोज़गार का अवसर दिए जाने के दावों पर सरकार पर भी वार किया. पूर्व वित्तमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, "मुद्रा लोन स्कीम के तहत 7.2 करोड़ युवाओं को मिला स्व-रोज़गार - यह आज शुरू होने जा रहे मिथकीय धारावाहिक का शीर्षक है... कहानीकार आवेदन करें..."


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