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'गठबंधन बस' से राहुल गांधी ने एक बार फिर दिखाई विपक्ष की ताकत, अखिलेश और मायावती रहे दूर

बस में वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सबसे आगे की सीट पर बैठे दिखे. इस  बस को गठबंधन ट्रेवल्स का नाम दिया गया है.

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'गठबंधन बस' से राहुल गांधी ने एक बार फिर दिखाई विपक्ष की ताकत, अखिलेश और मायावती रहे दूर

विपक्ष के नेताओं के साथ राहुल गांधी ने बस में की यात्रा

खास बातें

  1. 2019 की तैयारी में जुटे राहुल गांधी
  2. बस में थे सभी दलों के नेता
  3. ममता, मायावती और अखिलेश रहे दूर
जयपुर:

मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सोमवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में एक बार फिर महागठबंधन (Mahagathbandhan) की झलक दिखी. जयपुर में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस मौके पर विपक्ष की एकता दिखाने का भी मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए तमाम दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ सभा स्थल तक बस में यात्रा की.  बस में वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के साथ सबसे आगे की सीट पर बैठे दिखे. इस  बस को गठबंधन ट्रेवल्स का नाम दिया गया है. हालांकि, अखिलेश यादव, मायावती और ममता बनर्जी गठबंधन ट्रेवल्स की (Mahagathbandhan) यात्रा से दूर ही रहे और उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा नहीं लिया. ध्यान हो कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का विपक्ष को एकजुट दिखाने का यह प्रयास डीएमके नेता स्टालिन के उस एलान के बाद आया है जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को 2019 में विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया था. स्टालिन ने यह घोषणा तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद ही किया था.
 

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हालांकि बाद में इस प्रस्ताव को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने यह कहते हुए नाकार दिया था कि जब तक लोकसभा चुनाव के परिणाम नहीं आते हैं तब तक पीएम उम्मीदवार को लेकर कुछ भी बोलना सही नहीं है. बता दें कि इन तीनों राज्यों में होने वाले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह को विपक्ष को एकजुट दिखाने के तौर पर भी देखा जा रहा था. इससे पहले इसी साल मई में कर्नाटक में हुए सीएम कुमारास्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में भी पूरा विपक्ष एक साथ नजर आया था. मध्यप्रदेश के सीएम बनने के बाद कमलनाथ ने राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार बनाने को लेकर कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी को इससे दिक्कत होगी.
 
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उन्होंने कहा कि हालांकि राहुल गांधी ने कभी खुदको इस पद के लिए प्रोजेक्ट नहीं किया है. गौरतलब है कि कांग्रेस ने शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर तकरीबन पूरे विपक्ष को एक फिर एक साथ ला खड़ा किया है. यही वजह है कि इस समारोह में शरद पवार, चंद्रबाबू नायडू, तेजस्वी यादव, एमके स्टालिन, फारूक अब्दुल्ला, प्रफुल्ल पटेल और शरद यादव जैसे सरीखे नेता एक साथ दिखे. राहुल गांधा द्वारा किए गए एक ट्वीट में यह सभी बस में एक साथ दिख रहे हैं.
 
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि बस में हर तरफ खुशी का माहौल है.सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे युवा नेता जो चुनाव में जीत के बाद कई दिनों तक मुख्यमंत्री की रेस में थे, बस में एक साथ बैठे दिखे. सभी वरिष्ठ नेता तीन जगहों पर होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए विशेष विमान से अलग-अलग जगह पहुंचे.
 
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बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने यात्रा के दौरान ही राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ स्टेज पर आए. जयपुर में अशोक गहलोत के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनकी बुआ वसुंधरा राजे ने गले भी लगाया. वह भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आईं थी. 

VIDEO: कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के सीएम.

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