राहुल गांधी का ट्वीट 'Surender Modi' पूरे दिन करता रहा ट्रेंड, जानिए क्या है कारण

दरअसल राहुल गांधी ने Surrender की स्पेलिंग Surender लिखी जिसकी वजह से बीजेपी ने राहुल गांधी पर तंज भी कसा. 

राहुल गांधी का ट्वीट 'Surender Modi' पूरे दिन करता रहा ट्रेंड, जानिए क्या है कारण

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि नरेेंद्र मोदी भारतीय भूभाग को चीन को सौंप दिया है (फाइल फोटो)

खास बातें

  • राहुल गांधी ने एक लेख शेयर करते हुए किया ट्वीट
  • राहुल ने अपने ट्वीट में सरेंडर की स्पेलिंग गलत लिखी
  • बीजेपी ने गलत स्पेलिंग को तारीफ के रूप में लिया
नई दिल्ली:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध को लेकर किए अपने ताजा हमले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सरेंडर मोदी' कह दिया. हालांकि राहुल गांधी ने सरेंडर की स्पेलिंग सुरेंदर की तरह लिखी. इसलिए बीजेपी ने इसे कुछ अलग अंदाज में शेयर किया औऱ आज दिन ट्विटर पर सुरेंदर मोदी  ट्रेंड करता रहा. राहुल गांधी ने अपने टवीट में लिखा, 'नरेंद्र मोदी असल में सरेंडर मोदी है. ' इस ट्वीट के साथ उन्होंने प्रसिद्ध रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी का एक लेख था, जो एक विदेशी प्रकाशन में छपा था.

इस ट्वीट के बाद बीजेपी की तरफ से काफी तीखी प्रतिक्रिया आई. जबकि बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने श्री गांधी के शब्दों को एक तारीफ के रूप में लिया, शाम तक, #SurenderModi नंबर एक ट्विटर ट्रेंड बन गया क्योंकि कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या गांधी को "आत्मसमर्पण" की वर्तनी गलत लगी. अन्य लोगों ने बताया कि पूर्व कांग्रेस प्रमुख केवल शब्दों के साथ खेल रहे थे.

दरअसल राहुल गांधी ने Surrender की स्पेलिंग Surender लिखी जिसकी वजह से बीजेपी ने राहुल गांधी पर तंज भी कसा. यूपी जन संवाद वर्चुअल रैली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा: "आप कहते हैं - 'नरेंद्र मोदी सुरेंदर मोदी हैं'. इसका मतलब है कि आप कह रहे हैं कि मोदी-जी न केवल मनुष्यों के नेता हैं, बल्कि देवताओं (सुरेंद्र) के भी हैं. 

वहीं पूर्वोत्तर में बीजेपी के वरिष्ठ नेता हेमंत बिसवा सरमा ने भी राहुल गांधी के ट्वीट का जवाब दिया. उन्होंने लिखा. 'राहुल गांधी, आप इतने उत्तेजित हैं कि आप सही तरीके से स्पेल (वर्तनी) भी नहीं कर सकते हैं. और समर्पण गांधी-नेहरू परिवार की पहचान रही है. 1962 में, असम को पं नेहरू ने लगभग दे दिया था. जब चीनी सेना ने बोमडिला पर कब्जा कर लिया था, तो नेहरू ने कहा, "मेरा दिल असम के लोगों के लिए निकल जाता है." शर्म की बात है.'

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने लद्दाख मामले पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा किया है . इससे पहले, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के सर्वदलीय बैठक में दिए गए बयान को लेकर ट्वीट किया था, ‘‘प्रधानमंत्री ने चीनी आक्रामकता के आगे भारतीय भू-भाग चीन को सौंप दिया है. अगर भूमि चीन की थी: तो हमारे सैनिक क्यों मारे गए? वे कहां मारे गए.''''


भारत-चीन सीमा पर स्थिति के बारे में चर्चा करने के लिए शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक पर सरकार ने एक बयान में कहा, ‘‘शुरू में ही प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि न तो वहां हमारी सीमा में कोई घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई चौकी किसी दूसरे के कब्जे में है.''

प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को कहा कि सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई टिप्पणियों की ‘‘शरारतपूर्ण व्याख्या'' करने के प्रयास किए जा रहे हैं. पीएमओ ने स्पष्ट किया कि एलएसी के संबंध में मोदी की टिप्पणियों का आशय हमारे सशस्त्र बलों की वीरता के परिणामस्वरूप उत्पन्न स्थिति से था, जिन्होंने गलवान घाटी में अतिक्रमण की चीनी सैनिकों की कोशिश को विफल कर दिया. पूर्वी लद्दाख के अनेक क्षेत्रों में भारत और चीन की सीमाओं के बीच करीब छह हफ्ते से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में एक कर्नल सहित 20 भारतीय सैन्य कर्मी शहीद हो गए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया.

(इनपुट एजेंसी भाषा से भी)

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों का बड़ा जमावड़ाVideo
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