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बुलेट ट्रेन के पक्ष में दिए रेल मंत्री के बयान ने सोशल साइट्स पर मचाया घमासान 

सोशन साइट पर बुलेट ट्रेन के पक्ष में आए रेल मंत्री

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बुलेट ट्रेन के पक्ष में दिए रेल मंत्री के बयान ने सोशल साइट्स पर मचाया घमासान 

खास बातें

  1. पियूष गोयल ने बुलेट ट्रेन को भविष्य की मांग बताया
  2. कहा हर नई चीज के लिए पहले संधर्ष करना पड़ता है
  3. यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराना है हमारा लक्ष्य
नई दिल्ली: रेल मंत्री पियूष गोयल आम तौर पर सोशल साइट्स पर खासे सक्रिय हैं.वह आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते रहते हैं, लेकिन इन दिनों उनका का पोस्ट सोशल साइट्स पर खासा चर्चाओं में है. रेल मंत्री गोयल ने सोशल साइट पर 'क्या देश को बुलेट ट्रेन की जरूरत है?' जैसे पूछे जा रहे प्रश्न के जवाब में एक पोस्ट साझ किया. उन्होंने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए बुलेट ट्रेन को भविष्य की मांग बताया.मंत्री के इस जवाब पर लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी प्रतिक्रियां दी. महज 24 घंटे में रेल मंत्री के इस पोस्ट को सवा लाख से ज्यादा लोगों ने देखा और अपनी प्रतिक्रिया भी दी. 

यह भी पढ़ें:मुंबई-अहमदाबाद खंड में ट्रेनों में 100 फीसदी से अधिक सीटें भरी रहती हैं : पश्चिम रेलवे
  
रेल मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि "भारत की अर्थव्यवस्था लगातार विकास कर रही है, एेसे में कई तरह के विकास कार्यों की जरूरत है. इनमें से ही एक है देश में रेल के जाल को बढ़ाना और उसे आधुनिक बनाना है. हाई स्पीड ट्रेन क़ॉरिडोर भी इसका ही एक रूप है, जिसे हम बुलेट ट्रेन भी कहते हैं".
गोयल ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट एनडीए सरकार की दूरदर्शिता को बताता है. इस प्रोजेक्ट के तहत हम यात्रियों को गति के साथ-साथ सुरक्षित और बेहतर सफर करा पाएंगे. सरकार की इस योजना से हम भारतीय रेल को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिला पाने में भी सफल होंगे.

यह भी पढ़ें:बुलेट ट्रेन लोगो की प्रतियोगिता जीतने वाला छात्र पहले 30 बार हो चुका था नाकाम

अन्य रेल रूटों को बेहतर करने के सुझाव पर गोयल ने कहा कि हम समय के साथ सभी तकनीकी बदलाव के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि“नई तकनीक को समान्य तौर पर अपना पाने में थोड़ी दिक्कत तो आती ही है. इतिहास में झांके तो हम देखते हैं कि नई तकनीक और आधुनिकरण हमेशा से ही उस राष्ट्र के लिए फायदेमंद रहा है”.

रेल मंत्री ने राजधानी एक्सप्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1968 में इस तेज रफ्तार गाड़ी को चलाने के विरोध में कई लोग थे. आज इसी राजधानी एक्सप्रेस से सफर करने के लिए हर कोई तैयार है. उन्होंने अपने पोस्ट में मोबाइल फोन का भी उदाहरण दिया. शुरुआत में सभी को लगता था कि मोबाइल फोन तकनीक को लेकर हमारा देश अभी तैयार नहीं है. आज हम विश्व में सबसे बड़ा मोबाइल फोन का बाजार है.

इसी तरह बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भी यात्रियों के सुखद यात्रा को ध्यान में रखते हुए रेलवे में बड़े बदलाव की आहट है.गोयल ने बुलेट ट्रेन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट भी साझा की.साथ ही उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट किस तरह से पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के सपने को सकारा करने वाना है. जापान की तकनीक के इस्तेमाल से बनने वाली इस ट्रेन के चलने से हमारी अर्थव्यव्सथा में भी विकास होगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी.

रेल मंत्री पियूष गोयल आम तौर पर सोशल साइट्स पर खासे सक्रिय हैं.वह आए दिन किस न किस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया सोशल साइट्स के माध्य से देते भी रहते हैं, लेकिन इन दिनों उनका का बयान सोशल साइट्स पर खासी सुर्खियां बटोर रहा है.दरअसल, बुधवार को रेल मंत्री गोयल ने 'क्या देश को बुलेट ट्रेन की जरूरत है?' जैसे पूछे जा रहे प्रश्न के जवाब में सोशल साइट पर एक पोस्ट किया. उन्होंने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए बुलेट ट्रेन को भविष्य की मांग बताया.मंत्री के इस जवाब पर लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी प्रतिक्रिया दी. महज 24 घंटे में रेल मंत्री के इस पोस्ट को सवा लाख से ज्यादा लोगों ने देखा और अपनी प्रतिक्रिया भी दी. 

 रेल मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि "भारत की अर्थव्यवस्था लगातार विकास कर रही है, एेसे में कई तरह के विकास कार्यों की जरूरत है. इनमें से ही एक है देश में रेल के जाल को बढ़ाना और उसे आधुनिक बनाना है. हाई स्पीड ट्रेन क़ॉरिडोर भी इसका ही एक रूप है, जिसे हम बुलेट ट्रेन भी कहते हैं".

गोयल ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट एनडीए सरकार की दूरदर्शिता को बताता है. इस प्रोजेक्ट के तहत हम यात्रियों को गति के साथ-साथ सुरक्षित और बेहतर सफर करा पाएंगे. सरकार की इस योजना से हम भारतीय रेल को विश्व पटल पर एक अलग पहचान दिला पाने में भी सफल होंगे.

अन्य रेल रूटों को बेहतर करने के सुझाव पर गोयल ने कहा कि हम समय के साथ सभी तकनीकी बदलाव के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि“नई तकनीक को समान्य तौर पर अपना पाने में थोड़ी दिक्कत तो आती ही है. इतिहास में झांके तो हम देखते हैं कि नई तकनीक और आधुनिकरण हमेशा से ही उस राष्ट्र के लिए फायदेमंद रहा है”.

रेल मंत्री ने राजधानी एक्सप्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1968 में इस तेज रफ्तार गाड़ी को चलाने के विरोध में कई लोग थे. आज इसी राजधानी एक्सप्रेस से सफर करने के लिए हर कोई तैयार है. उन्होंने अपने पोस्ट में मोबाइल फोन का भी उदाहरण दिया. शुरुआत में सभी को लगता था कि मोबाइल फोन तकनीक को लेकर हमारा देश अभी तैयार नहीं है. आज हमारा देश विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन का बाजार है.

इसी तरह बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भी यात्रियों के सुखद यात्रा को ध्यान में रखते हुए रेलवे में बड़े बदलाव की आहट है.गोयल ने बुलेट ट्रेन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट भी साझा की.साथ ही उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट किस तरह से पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के सपने को सकारा करने वाना है.

VIDEO: देखिए इन देशों में क्यों खास है बुलेट ट्रेन




जापान की तकनीक के इस्तेमाल से बनने वाली इस ट्रेन के चलने से हमारी अर्थव्यव्सथा में भी विकास होगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी.
 


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