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गृह और वित्त मंत्रालय को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट में थी खींचतान, राहुल के साथ हुई कई बैठकें, आधी रात किया विभागों का एलान

दिल्ली में मुख्यमंत्री गहलोत, उप मुख्यमंत्री पायलट की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय पांडे, पर्यवेक्षक के सी वेणुगोपाल के साथ कई दौर की बैठकें हुईं.

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गृह और वित्त मंत्रालय को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट में थी खींचतान, राहुल के साथ हुई कई बैठकें, आधी रात किया विभागों का एलान

नई सरकार के 23 मंत्रियों ने सोमवार को शपथ ली थी.

खास बातें

  1. वित्त और गृह मंत्रालय को लेकर थी खींचतान
  2. आखिर अशोक गहलोत को मिले दोनों मंत्रालय
  3. राहुल गांधी के साथ हुईं कई बैठकें
नई दिल्ली:

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot)में वित्त और गृह मंत्रालय को लेकर खींचतान चल रही थी. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को आना पड़ा और उन्होंने आधी रात इस मामले को सुलझाया. इसके बाद गुरुवार तड़के करीब 2.30 बजे मंत्रालयों का एलान किया गया. मुख्यमंत्री गहलोत की सलाह पर राज्यपाल कल्याण सिंह ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया. बता दें, नई सरकार के 23 मंत्रियों ने सोमवार को शपथ ली थी. इसके बाद दो दिन तक इनके विभागों को लेकर दिल्ली में मुख्यमंत्री गहलोत, उप मुख्यमंत्री पायलट की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय पांडे, पर्यवेक्षक के सी वेणुगोपाल के साथ कई दौर की बैठकें हुईं. 

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गृह और वित्त सहित अशोक गहलोत ने अपने पास नौ मंत्रालय रखे हैं. इसके अलावा उन्होंने अपने पास आबकारी, आयोजना, नीति आयोजन, कार्मिक व सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भी रखे हैं. उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट को सार्वजनिक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के अलावा 13 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किया गया है.

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बता दें, राजस्थान में कांग्रेस के चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट में खींचतान हुई थी. उस वक्त भी कई बैठकों के बाद दोनों के बीच विवाद को सुलझाया था. इसके बाद अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री तो सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था. 

कांग्रेस ने मंत्रीमंडल के गठन में 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखा है. प्रदेश में जातीय समिकरण को ध्यान में रखते हुए अशोक गहलोत के कैबिनेट में मंत्रियों को शामिल किया गया है.

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बी डी कल्ला को ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, भू जल, कला साहित्य, संस्कृति और पुरात्तव विभाग, शांति धारीवाल को स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन, विधि एवं विधिक कार्य, विधि परामर्श कार्यालय व संसदीय मामलात विभाग और मास्टर भंवर लाल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.  कृषि, पशुपालन और मछली पालन विभाग लाल चंद कटारिया, रघु शर्मा को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुर्वेद, व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा प्रमोद जैन भाया को खान और गौ-पालन विभाग सौंपा गया है. विश्वेन्द्र सिंह को पर्यटन एवं देवस्थान विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. 

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इसके साथ ही हरीश चौधरी को राजस्व, रमेश चंद मीणा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, उदयलाल आंजना को सहकारिता विभाग और इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग दिया गया है. प्रताप सिंह खाचरियावास को यातायात और सैनिक कल्याण विभाग जबकि सालेह मोहम्मद को अल्पसंख्यक वक्फ एवं जन अभियोग निराकरण विभाग दिया गया है. 

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राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा) (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन और देवस्थान विभाग दिया गया है. वहीं, ममता भूपेश को महिला बाल विकास (स्वतंत्र प्रभार) के साथ अल्पसंख्यक मामले वक्फ जन अभियोग निराकरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. अर्जुन सिंह बामनिया को जनजाति क्षेत्रिय विकास (स्वतंत्र प्रभार), उद्योग, राजकीय उपक्रम, भंवर सिंह भादी को उच्च शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राजस्व, उपनिवेशन, कृषि सिंचित क्षेत्रीय विकास एवं जन उपयोगिता विभाग, सुखराम विश्नोई को वन (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण (स्वतंत्र प्रभार) खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले विभाग दिया गया है. 

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अशोक आंचदना को युवा मामले-खेल विभाग, कौशल नियोजन व उद्यमिता विभाग (स्वतंत्र प्रभार) परिवहन विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, टीकारा जूली को श्रम विभाग,कारखाना व बॉयलर्स निरीक्षण (स्वतंत्र विभाग) सहकारिता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, भजन लाल जाटव को गृह रक्षा, नागरिक सुरक्षा (स्वतंत्र प्रभार), कृषि, पशुपालन, मत्स्य विभाग, राजेन्द्र सिंह यादव को आयोजना-जनशक्ति, स्टेट मोटर गैराज (स्वतंत्र प्रभार), भाषा विभाग (स्वतंत्र प्रभार), सामाजिक न्याय व अधिकारिता, आपदा प्रबंधन व सहायता विभाग, जबकि राष्ट्रीय लोकदल के सुभाष गर्ग को तकनीकी शिक्षा, संस्कृत विभाग (स्वतंत्र प्रभार), आयुर्वेद और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग दिया गया है. 

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(इनपुट- पीटीआई से भी)

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