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लोकसभा चुनाव में बेटे की हार पर बोले अशोक गहलोत, सचिन पायलट को जिम्मेदारी लेनी चाहिए

जब अशोक गहलोत से इस इंटरव्यू में पूछा गया कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा है कि कुछ कांग्रेस नेता पार्टी के हितों को किनारे रखकर अपने बेटों को ही आगे बढ़ाने में लगे रहे तो उनका कहना था कि ऐसी बैठकों की कुछ गोपनीयता होती है. जो कुछ भी अंदर कहा गया है उसे पर चर्चा नहीं करना चाहिए'.  

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लोकसभा चुनाव में बेटे की हार पर बोले अशोक गहलोत, सचिन पायलट को जिम्मेदारी लेनी चाहिए

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मनमुटाव फिर बढ़ रहा है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. राजस्थान में एक भी सीट नहीं जीत पाई कांग्रेस
  2. अशोक गहलोत अपने गढ़ में भी नहीं कुछ कर पाए
  3. कांग्रेस कार्यसमिति में उठा मुद्दा
नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजस्थान कांग्रेस में अब आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है. इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा था कि कांग्रेस के नेता अपने बेटों का ही चुनाव प्रचार करने में लगे रहे. लेकिन अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को उनके बेटे वैभव गहलोत की हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. गौरतलब है कि दिसंबर के महीने में सरकार बनाने वाली कांग्रेस लोकसभा चुनाव में राज्य में एक भी सीट नहीं जीत पाई है. एबीपी न्यूज  को दिए एक इंटरव्यू में अशोक गहलोत ने कहा,'सचिन पायलट ने कहा था कि हम बड़े बहुमत से जीतेंगे. उन्होंने कहा कि जोधपुर लोकसभा सीट में हमारे 6 विधायक जीते हैं. हमने वहां अच्छा प्रचार किया है...अब सचिन पायलट को कम से कम जोधपुर में हुई हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए'. गौरतलब है कि अशोक गहलोत के बेटे वैभव जोधपुर सीट से 2.7 लाख वोटों से हारे हैं. उनको बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत ने हराया है.  अपने बेटे को जिताने के लिए अशोक गहलोत यहां पर जमकर प्रचार किया था. उनके विरोधी कहते हैं कि इस सीट से बाहर निकलकर अशोक गहलोत कहीं और प्रचार करने नहीं गए और ज्यादातर रैलियां इसी सीट पर की हैं. 

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हालांकि बाद में अपना बयान बदलते हुए अशोक गहलोत यह भी कहा कि यह सबकी जिम्मेदारी है, चाहे वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हों या फिर मुख्यमंत्री. इतनी बड़े पैमाने पर हार समझ  से परे हैं. जब अशोक गहलोत से इस इंटरव्यू में पूछा गया कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा है कि कुछ कांग्रेस नेता पार्टी के हितों को किनारे रखकर अपने बेटों को ही आगे बढ़ाने में लगे रहे तो उनका कहना था कि ऐसी बैठकों की कुछ गोपनीयता होती है. जो कुछ भी अंदर कहा गया है उसे वहीं रहने देना चाहिए.  उनके इस बयान पर राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने हैरानी जताई है हालांकि उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है. सचिन से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि अशोक गहलोत अपने ही पोलिंग बूथ पर 400 से वोटों से हार गए हैं जो कि खुद तीन बार मुख्यमंत्री, चार बार विधायक और पांच बार सांसद जोधपुर से चुने जा चुके हैं.

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कुल मिलाकर एक बार फिर राजस्थान में दो बड़े कांग्रेसी नेताओं के बीच मनमुटाव की खबरें सामने आ रही हैं. इससे पहले भी मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों में तनाव हो चुका है. 

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