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राजीव गांधी: ऐसे नेता जो भारत में लेकर आए कंप्यूटर

मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 से 1989 तक राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री रहे.

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राजीव गांधी: ऐसे नेता जो भारत में लेकर आए कंप्यूटर

राजीव गांधी ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी काफी कुछ किया था.

खास बातें

  1. 20 अगस्‍त 1944 को मुंबई में राजीव गांधी का जन्म हुआ था
  2. वे इंडियन एयरलाइंस में पायलट की नौकरी करते थे
  3. मां इंदिरा गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे
नई दिल्ली: महज 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) को आज देश-दुनिया के लोग याद कर रहे हैं. राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी, दामाद रॉबर्ट वाड्रा, नातिन मिराया ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. 20 अगस्‍त 1944 को जन्में राजीव गांधी को लोग एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने देश में खेल और कंप्यूटर को बढ़ावा देने के लिए काफी कुछ किया. आइए देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री की जयंती पर उनके जीवन से जुड़ी 12 बातों पर नजर डालते हैं.

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  1. मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 से 1989 तक राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री रहे. राजीव गांधी ने मां इंदिरा गांधी की हत्या के शोक से उबरने के बाद उन्होंने लोकसभा के लिए चुनाव कराने का आदेश दिया. उस चुनाव में कांग्रेस को पिछले सात चुनावों की तुलना में लोकप्रिय वोट अधिक अनुपात में मिले और पार्टी ने 508 में से रिकॉर्ड 401 सीटें हासिल कीं.
  2. राजनीति से खुद को दूर रखने वाले राजीव गांधी ने मां की मौत के बाद पार्टी के दबाव में राजनीति में आए.
  3. राजीव गांधी ने अपना बचपन अपने दादा के साथ तीन मूर्ति हाउस में बिताया जहां इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री की परिचारिका के रूप में कार्य किया. वे कुछ समय के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गए लेकिन जल्द ही उन्हें हिमालय की तलहटी में स्थित आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया. वहां उनके कई मित्र बने जिनके साथ उनकी आजीवन दोस्ती बनी रही. बाद में उनके छोटे भाई संजय गांधी को भी इसी स्कूल में भेजा गया जहाँ दोनों साथ रहे.
  4. स्कूल से निकलने के बाद श्री गाँधी कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए लेकिन जल्द ही वे वहां से हटकर लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज चले गए. उन्होंने वहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.
  5. राजीव गांधी को पश्चिमी और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय एवं आधुनिक संगीत पसंद था. उन्हें फोटोग्राफी एवं रेडियो सुनने का भी शौक था. हवाई उड़ान उनका सबसे बड़ा जुनून था.
  6. इंग्लैंड से घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की एवं वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया. जल्द ही वे घरेलू राष्ट्रीय जहाज कंपनी इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए.
  7. कैम्ब्रिज में उनकी मुलाकात इतालवी सोनिया मैनो से हुई थी जो उस समय वहां अंग्रेजी की पढ़ाई कर रही थीं. उन्होंने 1968 में नई दिल्ली में शादी कर ली. 
  8. 1980 में एक विमान दुर्घटना में भाई संजय गांधी की मौत के बाद से ही उनपर राजनीति में आने का दबाव बनने लगा था. भाई की मौत के चलते खाली हुए उत्तर प्रदेश के अमेठी संसद क्षेत्र का उपचुनाव जीता.
  9. राजीव गांधी की अगुवाई के दिशा-निर्देशन में नवंबर 1982 में जब भारत ने एशियाई खेलों की मेजबानी की थी, स्टेडियम के निर्माण एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने संबंधी वर्षों पहले किये गए वादे को पूरा किया गया था. 
  10. 31 अक्टूबर 1984 को मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद वे कांग्रेस अध्यक्ष एवं देश के प्रधानमंत्री बने थे.
  11. महीने भर के लंबे चुनाव अभियान के दौरान राजीव गांधी ने पृथ्वी की परिधि के डेढ़ गुना के बराबर दूरी की यात्रा करते हुए देश के लगभग सभी भागों में जाकर 250 से अधिक सभाएं कीं एवं लाखों लोगों से आमने-सामने मिले.
  12. राजीव गांधी देश के पहले ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने देश में तकनीक के प्रयोग को प्राथमिकता देकर कंप्यूटर के व्यापक प्रयोग पर जोर डाला. भारत में कंप्यूटर को स्थापित करने के लिए उन्हें कई विरोधों और आरोपों को भी झेलना पड़ा था.
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