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राजनाथ सिंह ने संभाला रक्षा मंत्रालय का कामकाज, सामने हैं ये बड़ी चुनौतियां

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आज यानी शनिवार को रक्षा मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है.

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खास बातें

  1. राजनाथ सिंह ने संभाला रक्षा मंत्रालय का कामकाज
  2. कामकाज संभालने से पहले वॉर मेमोरियल पहुंचे खे राजनाथ सिंह
  3. इस मौके पर उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी
नई दिल्ली:

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आज यानी शनिवार को रक्षा मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है. कार्यभार संभालने से पहले राजनाथ सिंह शनिवार सुबह वॉर मेमोरियल पहुंचे जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे. भारत के नए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  (Rajnath Singh)  के समक्ष ढेरों चुनौतियों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण चुनौती तीनों सेवाओं के आधुनिकीकरण के काम में तेजी लाना है. उनके लिए अन्य बड़ी चुनौती चीन के साथ लगी सीमाओं पर शांति बनाए रखने की है. वह रक्षा मंत्री का पद्भार ऐसे समय संभाल रहे हैं जबकि भारत ने तीन महीने पहले पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर हवाई हमला किया और माना जा रहा है कि सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए भारत इसी नीति पर आगे भी चलेगा. 

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राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को सेना, नौसेना और वायुसेना की युद्धक क्षमताओं को मजबूत बनाने की चुनौती का सामना करना है. इसकी वजह यह है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के समीकरणों और भू राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन आ रहा है.  राजनाथ सिंह के पास पूर्ववर्ती मोदी सरकार में गृह मंत्रालय था लेकिन अब नए मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद उन्हें रक्षा मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है. उनसे पहले यह मंत्रालय निर्मला सीतारमण के पास था. 

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गौरतलब है कि पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के बाद विभागों का बंटवारा किया गया. एनडीए-1 में गृहमंत्री रहे राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी और वित्त मंत्रालय अब निर्मला सीतारमण को दिया गया है. वहीं पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को विदेश मंत्री बनाया गया है. यानी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण समिति सुरक्षा मामलों की समिति सीसीएस में पीएम मोदी के अलावा ये चार चेहरे प्रमुख तौर पर रहेंगे. इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री के बाद अमित शाह दूसरे सबसे शक्तिशाली मंत्री रहेंगे और पीएम मोदी के विदेश दौरों के दौरान देश की बागडोर अमित शाह के हाथों में होगी. डीओपीटी, एटॉमिक एनर्जी मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास रहेंगे. इसके साथ ही सभी अहम नीतिगत मुद्दों से जुड़े मंत्रालय तथा अनावंटित मंत्रालय भी प्रधानमंत्री के पास ही रहेंगे.

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VIDEO: पदभार संभालने से पहले वॉर मेमोरियल पहुंचे राजनाथ सिंह



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