राज्यसभा उपसभापति चुनाव : केजरीवाल ने नीतीश कुमार को दिया बड़ा झटका, मतदान में हिस्सा नहीं लेगी 'आप' 

राज्यसभा उपसभापति चुनाव में आम आदमी पार्टी नहीं करेगी जेडीयू के उम्मीदवार का समर्थन.

राज्यसभा उपसभापति चुनाव : केजरीवाल ने नीतीश कुमार को दिया बड़ा झटका, मतदान में हिस्सा नहीं लेगी 'आप' 

अरविंद केजरीवाल ने नीतीश कुमार की अपील ठुकराई

नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए गुरुवार को होने वाले चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है. बुधवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से राज्यसभा के उप-सभापति पद के लिए अपने उम्मीदवार को समर्थन देने का अनुरोध किया था.  लेकिन आम आदमी पार्टी और दिल्ली के सीएम ने नीतीश कुमार के इस अनुरोध को ठुकरा दिया. नीतीश कुमार के अनुरोध को ठुकराने की जानकारी देते हुए आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने राजग गठबंधन के उम्मीदवार हरिवंश का समर्थन करने के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुरोध को ठुकरा दिया है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि हरिवंश को भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है.

यह भी पढ़ें: राज्यसभा उपसभापति पद के लिए उम्मीदवारी पर विपक्षी एकता की निकली हवा

सिंह ने कहा कि चूंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विपक्ष के उम्मीदवार के लिए आप से समर्थन नहीं मांगा है, ऐसे में केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के पास गुरुवार को होने वाले चुनाव का बहिष्कार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. ध्यान हो कि कर्नाटक से कांग्रेस सांसद बी. के. हरीप्रसाद राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार हैं. संजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि यदि कांग्रेस हमसे वोट मांगती है तो हम उसे वोट देंगे. यदि उन्हें जरूरत नहीं है तो, उनके पक्ष में वोट देने का कोई अर्थ नहीं है. बाद में सिंह ने ट्वीट भी किया.

यह भी पढ़ें: NDA के उपसभापति पद के उम्मीदवार हरिवंश पत्रकार और बैंकर भी रह चुके हैं

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि नीतीश कुमार जी ने अरविन्द केजरीवाल जी से बात कर जदयू उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा. चूंकि वह भाजपा समर्थित उम्मीदवार हैं, उनका समर्थन करना संभव नहीं है. राहुल गांधी जी अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन नहीं चाहते हैं.ऐसे में आप के पास चुनाव के बहिष्कार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. ध्यान हो कि 2015 में नीतीश कुमार और अरविन्द केजरीवाल ने एक-दूसरे के राज्यों में जाकर एक-दूसरे के लिए वोट मांगे थे. लेकिन नीतीश के संप्रग का साथ छोड़कर वापस राजग में शामिल होने के बाद दोनों के संबंधों में खटास आ गयी. 

VIDEO: 2019 में किसको मिलेगी सत्ता.

सिंह ने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी नरेन्द्र मोदी को गले लगा सकते हैं, तो वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए अरविन्द केजरीवाल से समर्थन क्यों नहीं मांग सकते?आप के राज्यसभा में तीन सदस्य हैं. (इनपुट भाषा से) 

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com