NDTV Khabar

गुजरात राज्यसभा चुनाव की रात भी 'भारत छोड़ो आंदोलन' से कम नहीं थी- गुलाम नबी आजाद

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के समय कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई लड़ी और अब वह सत्य की लड़ाई लड़ रही है.

9085 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
गुजरात राज्यसभा चुनाव की रात भी 'भारत छोड़ो आंदोलन' से कम नहीं थी- गुलाम नबी आजाद

गुलाम नबी आज़ाद संसद में 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर बोल रहे थे (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. देश मना रहा है 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 75वीं वर्षगांठ
  2. सदन में नेता प्रतिपक्ष ने किया गुजरात राज्यसभा चुनाव का उल्लेख
  3. आजाद ने कहा-नाली और सड़क साफ करने से भारत स्वच्छ नहीं होगा
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए राजनीतिक ड्रामे की रात तुलना आज से 75 साल पहले शुरू हुए 'भारत छोड़ो आंदोलन' वाली रात से की है. गुलाम नबी आजाद संसद में 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि वे मंगलवार की रात को गुजरात में जो कुछ हुआ, उसका उल्लेख नहीं करना चाहते, लेकिन कल की रात भी बिल्कुल वही रात लग रही थी. क्योंकि आज से 75 साल पहले की रात को भी सभी लोग जागे हुए थे और कल की रात भी वही हुआ.

यह भी पढ़ें:  8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने दिया था 70 मिनट का भाषण

गुलाम नबी आजाद ने आजादी से पहले की रात को याद करते हुए कहा कि उस रात जब भारत की आजादी को लेकर रेजोल्यूशन पास हुआ तो गांधीजी से लेकर जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के तमाम सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया. 9 अगस्त को कांग्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया गया. अखबारों पर भी बैन लगाया गया.
उन्होंने कहा कि उस समय पूरे देश में हलचल मची हुई थी और ठीक 75 साल बाद गुजरात में भी वही रात दोहराई गई. उस बार कांग्रेस ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी तो इस बार सत्य की लड़ाई लड़ी. और आखिर में सत्य की ही जीत हुई. 

यह भी पढ़ें: राज्यसभा में मॉब लिंचिंग पर गुलाम नबी आजाद ने सरकार को सुनाई खरी-खोटी

भारत छोड़ो आंदोलन के दिनों को याद करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि आप हमेशा उसूलों के साथ रहें, उसी जज्बे के साथ रहें जो उस समय महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद बोस, मौलाना आजाद और उनके साथियों में था. और वह जज्बा था देश के लिए कुर्बानी का. अगर हमें उस कुर्बानी पर भरोसा है तो तमाम मुसीबतों का सामना किया जा सकता है. 

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यदि आप सही मायनों में उस समय के नेताओं, शहीदों, किसानों, मजदूरों, पत्रकारों आदि को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने मन साफ करने होंगे. 

VIDEO: हमारा मंत्र है - करेंगे, और करके रहेंगे : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता मिशन पर कटाक्ष करते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि जो हमारी बहार की सफाई है, जो हम कपड़े पहनते हैं, यह तो केवल दुनिया को दिखाने के लिए है. लेकिन अगर हमारे देश को कोई एक चीज साफ रख सकती है तो वह है दिल और दिमाग की सफाई. उन्होंने कहा कि केवल नाली और सड़क साफ करने से भारत स्वच्छ नहीं होगा. इसके लिए सबसे पहले मन और दिमाग को साफ करना होगा. अगर ये चीजें निष्पक्ष और स्वच्छ हो गईं तो इकनॉमिक और कल्चरल रेवोल्यूशन आदि तो चलते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि अगर आज देश को किसी से खतरा है तो ब्रिटेन से नहीं है. आज बाहर दुश्मन नहीं है, बल्कि हमें अपनों से खतरा है, अपनी सोच से खतरा है. हमें उस सोच को खत्म करना होगा जो इंसानियत की दुश्मन है. और यही बदलाव महात्मा गांधी तथा अन्य शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement