NDTV Khabar

Ranbaxy के पूर्व प्रमोटर मलविंदर और शिविंदर सिंह धोखाधड़ी और ठगी के आरोप में गिरफ्तार

फार्मा कंपनी रैनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह (Malvinder Singh) और शिविंदर सिंह (Shivinder Singh) को पुलिस ने धोखाधड़ी और ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. मलविंदर और शिविंदर सिंह पर धोखाधड़ी, ठगी का आरोप
  2. रेलीगेयर फिनवेस्ट की शिकायत पर हुई कार्रवाई
  3. मलविंदर और शिविंदर की गिरफ्तारी आर्थिक अपराध शाखा ने की
नई दिल्ली:

फार्मा कंपनी रैनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह (Malvinder Singh) और शिविंदर सिंह (Shivinder Singh) को पुलिस ने धोखाधड़ी और ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है. मलविंदर और शिविंदर की गिरफ्तारी आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) द्वारा हुई है. शिविंदर को गुरुवार शाम को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया, वहीं, मलविंदर सिंह को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने गुरुवार देर रात पंजाब से पकड़ा. दोनों भाइयों पर धोखाधड़ी (Fraud) और ठगी का आरोप है. शिविंदर के साथ तीन और लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इन चारों की गिरफ्तारी तब हुई थी जब इन सभी को मंदिर मार्ग में ईओडब्ल्यू कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की डीसीपी वर्षा शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शिविंदर सिंह, सुनील गोडवानी, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को गिरफ्तार किया है. आरोपियों को आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है. रेलीगेयर फिनवेस्ट की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है.


शिविंदर सिंह पर 740 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है. बता दें कि पुलिस कथित तौर पर शिविंदर सिंह के बड़े भाई मालविंदर सिंह (Malvinder Singh) की भी तलाश कर रही है, जिनका नाम भी इस मामले में है. 

टिप्पणियां

फार्मा कंपनी रैनबैक्सी के प्रमोटरों से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जेल भेज दिया जाएगा

बता दें कि बीते अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन रोधी कानून से जुड़े एक मामले में रैनबैक्सी समूह के पूर्व प्रवर्तकों मालविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के परिसरों पर छापेमारी की थी. अधिकारियों ने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज होने के बाद यह छापे मारे गए थे. एजेंसी की इस कार्रवाई को सिंह बंधुओं के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों और उसके बाद उनके कारोबार के पतन से जोड़कर देखा जा रहा है.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement