बंगाल में रथयात्रा के लिए BJP ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी अनुमति, HC ने लगा दी थी रोक

भाजपा ने अपनी विशेष अनुमति याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की है.

बंगाल में रथयात्रा के लिए BJP ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी अनुमति, HC ने लगा दी थी रोक

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली की एक फोटो (फाइल तस्वीर)

खास बातें

  • सरकार ने नहीं दी थी रथयात्रा की मंजूरी
  • HC ने पहले दी मंजूरी, फिर आदेश किया रद्द
  • भाजपा निकालना चाहती है रथयात्रा
नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अपनी रथयात्रा निकालने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. पार्टी ने कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसने रथयात्रा निकालने की अनुमति देने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को रद्द कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें हाई कोर्ट की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ भाजपा की अपील प्राप्त हुई है. अधिकारियों ने बताया कि याचिका की जांच की जा रही है. भाजपा ने अपनी विशेष अनुमति याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की है. 

बता दें, पश्चिम बंगाल में भगवा पार्टी के महत्वाकांक्षी रोड शो को शुक्रवार को उस वक्त झटका लगा जब कलकत्ता हाईकोर्ट की खंड पीठ ने रोड शो को अनुमति देने वाले एकल पीठ के फैसले को रद्द कर दिया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था, ‘हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय किया है. हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम अंत तक लडेंगे. तृणमूल कांग्रेस सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हमारी रथ यात्रा नहीं हो पाए.'

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भाजपा सूत्रों के मुताबिक यात्रा की अनुमति नहीं देने के सरकार के फैसले के खिलाफ पार्टी फिलहाल राज्य के अनेक हिस्सों में रैलियां करेगी. गौरतलब है कि भाजपा की अपील पर सुनवाई के बाद गुरुवार को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने रथ यात्रा की इजाजत दे दी थी लेकिन शुक्रवार के आदेश के बाद इस कार्यक्रम पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. 

भाजपा के नेतृत्व ने पूरे राज्य से गुजरने वाली तीन चरणों की अपनी महत्वाकांक्षी रथयात्रा के बाधाओं में घिर जाने के बाद पार्टी की अगली कार्ययोजना तय करने के लिए शुक्रवार को आपात बैठक की थी. पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश और केंद्रीय स्तर के नेता इस बैठक में मौजूद थे. 

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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एकल पीठ को राज्य की एजेंसियों की खुफिया सूचनाओं पर विचार करते हुए नए सिरे से मामले की सुनवाई करने के लिए कहा था. न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती की एकल पीठ को इस पर विचार करने के लिए कहा गया कि क्या ‘यात्रा' की अनुमति देने के नतीजे तक पहुंचने के लिए उनके समक्ष पर्याप्त दस्तावेज थे. खंडपीठ ने कहा एकल पीठ राज्य सरकार की ओर से दी गई 36 खुफिया सूचनाओं पर नए सिरे से विचार करें. राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा था कि एकल पीठ ने सीलबंद लिफाफे में सौंपी खुफिया सूचनाओं पर विचार नहीं किया और बिना खोले ही उन्हें लिफाफा वापस कर दिया था. 

राज्य सरकार ने पीठ के समक्ष 31 पुलिस जिलों और पांच पुलिस आयुक्त कार्यालयों से मिली खुफिया सूचनाएं सौंपी थी जिनमें कहा गया था कि अगर भाजपा के प्रस्तावित रोडशो को अनुमति दी गई तो साम्प्रदायिक तनाव पैदा होने की आशंका है. 

(इनपुट- भाषा)

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