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रविशंकर प्रसाद ने कहा- 'आम आदमी को मिलेगा डिजिटलीकरण का फायदा'

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रविशंकर प्रसाद ने कहा- 'आम आदमी को मिलेगा डिजिटलीकरण का फायदा'

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था साल 2021 तक 1,000 करोड़ डॉलर मूल्य तक पहुंच जाएगी और हम डिजिटलीकरण का फायदा आम आदमी तक पहुंचाएंगे. रविशंकर प्रसाद ने यह बात यहां हीरो एंटरप्राइजेज द्वारा स्थापित थिंक टैंक माइंडमाइन इंस्टीट्यूट के दो दिवसीय सम्मेलन 'माइंडमाइन समिट' में कही.

प्रसाद ने कहा, "डिजिटल इंडिया एक परिवर्तनकारी कार्यक्रम है. यह सबसे पिछड़े वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम है. एक डिजिटल सशक्त समाज बनाने के लिए गरीबों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है. भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था साल 2021 तक 1,000 करोड़ डॉलर के मूल्य के बराबर होने जा रही है. 'डिजिटल इंडिया', 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी कई पहल और सुशासन के माध्यम से देश के आईटी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाया जा रहा है."

उन्होंने कहा, "हम 'छोटे शहरों और ग्रामीण बीपीओ योजना', 'डिजिटल गांव', 'जन धन' आदि विभिन्न योजनाओं के जरिए देश के आम आदमी के हाथों में डिजिटलीकरण का लाभ पहुंचा रहे हैं. अब 1.13 अरब भारतीयों के पास आधार है और सरकार ने विभिन्न सब्सिडी में 49,000 करोड़ रुपये बचाये हैं. 'डिजिटल गांव' एक और पहल है जिसके द्वारा ग्रामीण भारत को उन्नत प्रौद्योगिकियों की सहायता से नकद रहित लेनदेन करने के लिए पर्याप्त शिक्षित किया जाएगा."

उन्होंने कहा, "हमने ग्रामीण बीपीओ योजना का शुभारंभ किया है जिसका हाल ही में पटना में उद्घाटन हुआ था. इसके लिए हमने राज्यों की आबादी के अनुपात में प्रत्येक राज्य में 48,300 सीटों की स्थापना को प्रोत्साहित किया था, जिसे केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक सीट के अनुपात में एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है. इनमें उन संस्थानों को 5 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, जो 50 फीसदी से अधिक महिलाओं को रोजगार देगी."

सम्मेलन में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, "हमें छात्रों में नवीनता को प्रोत्साहित करने की जरूरत है, क्योंकि वे भारत की वास्तविक शक्ति हैं. नवाचार के माध्यम से हम इस दुनिया को जीत सकते हैं."

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा, "हम देश की समृद्ध विरासत और संस्कृति का लाभ नहीं ले पा रहे हैं और ना ही इसे दुनिया के सामने पेश कर पा रहे हैं. इसलिए हम अपने संग्रहालयों का उत्थान करने और उन्हें पुनर्निर्मित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. साथ ही योग और आयुर्वेद को भी दुनिया भर में सफलतापूर्वक ले जा रहे हैं."

उन्होंने कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर भारत के त्योहारों को आयोजित करने की योजना बना रहे हैं. हमने 'श्रेष्ठ भारत' विजन के तहत भारत का सांस्कृतिक मानचित्र बनाने की योजना बनाई है. हम राज्यों के भीतर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दे रहे हैं. वर्तमान में पर्यटन और संस्कृति पर विश्व प्रतियोगी सूचकांक में देश 12 अंक की उछाल के साथ 40वें स्थान पर है. हमने कल्याण और चिकित्सा पर्यटन के माध्यम से सॉफ्ट पॉवर की ताकत का फायदा उठाया है और विदेशी राजस्व में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है."

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हीरो एंटरप्राइज के अध्यक्ष सुनीलकांत मुंजाल ने कहा, "ऐसे समय में जब दुनिया भर में अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में निराशा छाई हुई है, भारत दुनिया के बाकी हिस्सों से बेहतर कर रहा है, लेकिन यह हमारे लिए काफी नहीं है. हमने 1990 के दशक से वृद्धिशील बदलावों की तुलना में अधिक काम करना शुरू कर दिया है, जिस पर हम पिछले 10 सम्मेलन से नजर रखने की कोशिश कर रहे हैं. आज, प्रणाली को झकझोरने की आवश्यकता है, यथास्थिति अब स्वीकार्य नहीं है."

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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