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पाकिस्तान ने कुलभूषण तक पहुंचने की भारत की 14वीं कोशिश खारिज की, जाधव पर लगाए ये 7 आरोप

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पाकिस्तान ने कुलभूषण तक पहुंचने की भारत की 14वीं कोशिश खारिज की, जाधव पर लगाए ये 7 आरोप

कुलभूषण जाधव (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सरताज अजीज ने कुलभूषण जाधव पर लगे आरोपों की सूची को पढ़कर सुनाया.
  2. पाक ने कहा था कि जाधव के मामले में वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा.
  3. सुषमा स्वराज ने कहा था न्याय सुनिश्चित करने के लिए भारत ‘कुछ भी करेगा’.
नई दिल्ली: भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई और इसके बाद से ही पाकिस्‍तान की इस हरकत पर देशभर में गुस्‍सा देखा जा रहा है. भारत में अब यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक गूंज रहा है. यहां तक कि जाधव से भारतीय उच्चायोग के संपर्क को लेकर भारत के 14वें प्रयास को भी पाकिस्तान ने शुक्रवार को खारिज कर दिया था. वहीं, पाकिस्तान के विदेश नीति प्रमुख सरताज अजीज ने कहा कि कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान के अहम प्रतिष्ठानों पर आईईडी हमला और शियाओं पर हमले सहित सात आरोप लगाए गए हैं. अजीज ने जाधव पर लगे आरोपों की सूची को पढ़कर सुनाया.

आइए, आपको बताते हैं पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर वे कौन से 7 आरोप लगाए हैं-
  1. बलूचिस्तान के ग्वादर तथा तुरबत में आईईडी व ग्रेनेड हमलों को प्रायोजित करने व निर्देश देने का आरोप.
  2. ग्वादर जिले में जिवानी बंदरगाह के ठीक सामने समुद्र में रडार स्टेशन तथा नागरिक नौकाओं पर हमले का निर्देश देने का आरोप.
  3. पाकिस्तानी, खासकर बलूचिस्तान के युवाओं को देश में विध्वंसक हमलों के लिए उकसाने के लिए अलगाववादी तथा आतंकवादी तत्वों को हवाला/हुण्डी के माध्यम से वित्तीय मदद देने का आरोप.
  4. बलूचिस्तान के सिबी तथा सुई इलाकों में गैस पाइपलाइनों तथा बिजली के खंभों में विस्फोट को प्रायोजित करने का आरोप.
  5. क्वेटा में 2015 में विस्फोट को प्रायोजित कर बड़े पैमाने पर जान व माल का नुकसान पहुंचाने का आरोप.
  6. क्वेटा में हजार समुदाय के लोगों पर हमला तथा ईरान जा रहे और वहां से आ रहे शिया जायरीनों पर हमलों को प्रायोजित करने का आरोप.
  7. तुरबत, पुंजगुर, ग्वादर, पसनी तथा जिवनी में साल 2014-15 के दौरान सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए देश विरोधी तत्वों को उकसाने का आरोप.
कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में इन्हीं कथित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. इस मामले में शुक्रवार को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने दूरदर्शन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि 'पाकिस्तान खतरनाक खेल खेल रहा है. पाकिस्तान खुद को भले ही कैसा भी दिखाए, लेकिन उसे समझना चाहिए कि यदि भारत ने जवाबी कार्रवाई शुरू की तो उसके पास मुकाबला करने की ताकत नहीं है'.

हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और देश की सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे कुलभूषण जाधव के मामले में किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएंगे. वहीं, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद के दोनों सदनों में दिए गए एक बयान में कहा था कि भारत जाधव के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए ‘कुछ भी करेगा’ जो एक ‘निर्दोष अपहृत भारतीय’ हैं. उन्होंने कहा था कि जाधव की फांसी को भारत ‘सुनियोजित हत्या’ मानेगा और पाकिस्तान इस पर आगे बढ़ने से पहले द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ने वाले इसके असर पर विचार करे.

वहीं, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में कहा था कि भारत इस सजा की पुरजोर शब्‍दों में निंदा करता है. उन्‍होंने जोर देकर कहा था कि भारत इस मसले पर किसी भी हद तक जाने को तैयार है. भारत कुलभूषण के लिए हर संभव प्रयास करेगा. उन्‍होंने कहा था कि इस मामले में न्‍याय के सिद्धांतों की अनदेखी हुई है. कुलभूषण को बचाव के लिए वकील तक मुहैया नहीं कराया गया.

(इनपुट एजेंसियों से भी)


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