उद्धव ठाकरे से PM मोदी की बात के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल ने चुनाव आयोग को लिखा खत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की फोन पर हुई बात के एक दिन बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वह जल्द से जल्द राज्य विधान परिषद (Maharashtra Coucil Election) की 9 रिक्त सीटों पर चुनाव करवाएं.

उद्धव ठाकरे से PM मोदी की बात के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल ने चुनाव आयोग को लिखा खत

27 मई तक उद्धव ठाकरे का मनोनयन जरूरी है.

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की फोन पर हुई बात के एक दिन बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वह जल्द से जल्द राज्य विधान परिषद (Maharashtra Coucil Election) की 9 रिक्त सीटों पर चुनाव करवाएं. राज्यपाल ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर यह अनुरोध किया है कि वह राज्य में मौजूदा अनिश्चितता को समाप्त करने की दृष्टि से विधान परिषद की 9 सीटों को भरने के लिए चुनाव करवाएं, जो 24 अप्रैल से खाली है.  बता बता दें कि यह उद्धव ठाकरे के लिए राहत की खबर है, क्योंकि 27 मई तक उनका मनोनयन जरूरी है. 

मालूम हो कि एक दिन पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी. बातचीत के दौरान उद्धव ने कहा कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है. उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से कहा कि ऐसे में समय में राज्य में अस्थिरता फैलाना ठीक नहीं है. उधर, न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से खबर है कि महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 रिक्त सीटों के चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग शुक्रवार को बैठक करेगा. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे.

इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 रिक्त सीटों के चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग की बैठक कल होगी. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे.

बता दें कि मंगलवार को महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के सत्तारूढ़ गठबंधन महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के नेताओं ने राज्यपाल बी एस कोश्यारी से मुलाकात कर उनसे अपने कोटे से ठाकरे को विधान पार्षद मनोनीत करने की एक बार फिर सिफारिश की थी. पहली सिफारिश नौ अप्रैल को राज्य के मंत्रिमंडल ने की थी. ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. 28 मई को उनके कार्यकाल के छह महीने पूरे हो जाएंगे, लेकिन अभी तक न तो वह राज्य की विधानसभा के और न ही विधान परिषद के सदस्य हैं. अगर वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं बन पाते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी छोड़नी पड़ेगी. उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में गठबंधन नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें मंत्रिमंडल के फैसले की एक प्रति सौंपी.

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प्रतिनिधिमंडल के सदस्य एक वरिष्ठ मंत्री ने  बताया कि उन्होंने राज्यपाल से इस मामले पर फैसला जल्द लेने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का फैसला कानून के हिसाब से वैध है और राज्यपाल मंत्रिमंडल के फैसले का स्वीकार करने के लिये बाध्य हैं. मंत्री ने कहा कि इस पर राज्यपाल ने कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर अपने फैसले की जानकारी देंगे. कोरोना वायरस महामारी के चलते चुनाव स्थगित कर दिये गए हैं, लिहाजा ठाकरे द्वि-वार्षिक चुनाव के जरिये विधान परिषद के सदस्य नहीं बन सकते. 

VIDEO: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री से की फोन पर बात