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प. बंगाल की झांकी को एक्सपर्ट कमेटी से खारिज होने पर रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा- इसे राजनीतिक रंग न दें, सिर्फ सर्वश्रेष्ठ को मिली जगह

गणतंत्र दिवस की परेड में इस साल पश्चिम बंगाल की झांकी नज़र नहीं आएगी. पश्चिम बंगाल की झांकी के प्रस्ताव को चयन करने वाली एक्सपर्ट कमेटी ने ख़ारिज कर दिया.

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प. बंगाल की झांकी को एक्सपर्ट कमेटी से खारिज होने पर रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा- इसे राजनीतिक रंग न दें, सिर्फ सर्वश्रेष्ठ को मिली जगह

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  1. पश्चिम बंगाल की झांकी को नहीं मिली परेड में जगह
  2. एक्सपर्ट कमेटी ने किया खारिज
  3. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा- इसे राजनीति रंग न दें
नई दिल्ली:

गणतंत्र दिवस की परेड में इस साल पश्चिम बंगाल की झांकी नज़र नहीं आएगी. पश्चिम बंगाल की झांकी के प्रस्ताव को चयन करने वाली एक्सपर्ट कमेटी ने ख़ारिज कर दिया. मामला तूल में आने पर रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है. रक्षा मंत्रालय सूत्र के मुताबिक बंगाल की झांकी इस बार के गणतंत्र दिवस के परेड में नहीं है. जबकि बीते वर्ष बंगाल की झांकी थी. उनका कहना है कि इसे राजनीति रंग नहीं देना चाहिए. गणतंत्र दिवस के परेड को छोटा रखना होता है, जिसमें जो सर्वश्रेष्ठ झांकी है उसको जगह दी गयी है.

गणतंत्र दिवस पर नहीं दिखेगी पश्चिम बंगाल की झांकी, केन्द्र से प्रस्ताव को नहीं मिली मंजूरी

पश्चिम बंगाल सरकार के सूत्रों के मुताबिक उनकी ओर से राज्य में विकास कार्यों, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण की थीम पर कई प्रस्ताव दिए थे. 2019 में पश्चिम बंगाल की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल की गई थी. बता दें CAA और NRC को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल पहले से ही आमने-सामने है ऐसे में झांकी का प्रस्ताव ख़ारिज करने से बात और बढ़ सकती है. एक्सपर्ट कमेटी ने इस साल के लिए 16 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और 6 मंत्रालयों की झांकी को मंज़ूरी दी है. इस बार के गणतंत्र दिवस समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो मुख्य अतिथि होंगे.


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भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे ब्राजील के राष्ट्रपति बोलसोनारो

बताते चले कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी NRC और CAA के खिलाफ लगातार मुहिम चला रही है. ममता बनर्जी का कहना है कि वो किसी भी सूरत में NRC और CAA को अपने राज्‍य में लागू नहीं करने देगी. 23 दिसंबर 2019 को ममता बनर्जी ने शरद पवार को पत्र लिखकर NRC और CAA पर समर्थन की अपील की थी. ममता के पत्र के जवाब में शरद पवार ने 27 दिसंबर 2019 को एक पत्र भेजा जिसमें NRC और CAA के खिलाफ ममता बनर्जी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्‍यक्‍त किया.



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