CM अरविंद केजरीवाल बोले- निर्भया के दोषियों को 7 साल बाद हुई फांसी, सिस्टम की खामियों को हम सब मिलकर करेंगे दूर

CM केजरीवाल ने कहा- आज संकल्प लेने का दिन है- कि अब दूसरी निर्भया नहीं होने देंगे. पुलिस, कोर्ट, राज्य सरकार, केंद्र सरकार - सबको संकल्प लेना है कि हम सब मिलकर सिस्टम की ख़ामियों को दूर करेंगे.

CM अरविंद केजरीवाल बोले- निर्भया के दोषियों को 7 साल बाद हुई फांसी, सिस्टम की खामियों को हम सब मिलकर करेंगे दूर

CM अरविंद केजरीवाल बोले- आज प्रण लेने का दिन, अब नहीं होने देंगे दूसरी निर्भया (फाइल फोटो)

खास बातें

  • निर्भया को न्याय मिलने में लगे 7 साल
  • सिस्टम की खामियों को सब मिलकर करेंगे दूर : केजरीवाल
  • आज संकल्प लेने का दिन
नई दिल्ली:

निर्भया मामले के चारों दोषियों मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को आज सुबह फांसी दे दी गई. इससे बाद हर जगह से लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दोषियों की फांसी पर कहा कि न्याय मिलने में सात साल लग गए. आज हमें एक प्रण लेना चाहिए कि फिर कभी इस तरह की घटना नहीं होने देंगे. हमने देखा कैसे दोषियों ने हाल तक कानून के साथ छेड़छाड़ की. हमारी व्यवस्था (सिस्टम) में कई खामियां हैं, हमें सिस्टम ठीक करने की जरूरत है.  

CM केजरीवाल ने अपने ट्वीट में कहा- "सात साल बाद आज निर्भया के दोषियों को फांसी हुई. आज संकल्प लेने का दिन है- कि अब दूसरी निर्भया नहीं होने देंगे. पुलिस, कोर्ट, राज्य सरकार, केंद्र सरकार - सबको संकल्प लेना है कि हम सब मिलकर सिस्टम की ख़ामियों को दूर करेंगे और भविष्य में किसी बेटी के साथ ऐसा नहीं होने देंगे."

इससे पहले, निर्भया के पिता ने भी सिस्टम में खामी की बात कही थी. निर्भया के दोषियों को आज फांसी पर चढ़ाए जाने के बाद उसके पिता बद्रीनाथ ने कहा, "निर्भया को आज न्याय मिला है, समाज में एक संदेश जरूर गया है कि जो अपराध करेगा वह बचेगा नहीं, हमें आगे लड़ने की जरूरत है. सात साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हमें कानून में खामियों का पता चला है. दो चार दिन बाद वकीलों को बुलाकर मीटिंग करेंगे और इस मामले में कहां-कहां कमियां हैं उसका अध्ययन करके उसकी सूची बनाएंगे और सरकार से उन्हें दूर करने का आग्रह करेंगे. 

उन्होंने कहा कि लड़ाई लंबी रही है, संतुष्ट हूं. समाज से नहीं सिस्टम से शिक़ायत है. बहुत लंबी लड़ाई लड़ी है. लोगों से यही कहूंगा कि बेटे और बेटी के बीच भेद न करें. मेरी बेटी ज़िंदा नहीं है पर मैने उसे बेटा ही माना. रात भर सुनवाई चली लेकिन हमें कोर्ट पर यकीन था

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में निर्भया के साथ दर्दनाक हादसा हुआ था. कोर्ट की तरफ से दोषियों को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद फांसी के लिए कई तारीखें तय हुईं, लेकिन दोषी कोई न कोई तिकड़म अपनाकर बचते रहे. गुरुवार देर रात को भी दिल्ली हाईकोर्ट में मामले को लेकर सुनवाई चली. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया. इनके सारे पैंतरे फेल हो गए. इसके बाद शुक्रवार सुबह साढ़े 5 बजे दोषियों को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया. यह पहला मौका है जब तिहाड़ में चार अपराधियों को एक साथ फांसी पर लटकाया गया है.

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