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भारी भरकम एनपीए के लिए गरीब नहीं, बड़े लोग जिम्मेदार : वेंकैया नायडू

नायडू ने एक कार्यक्रम में कहा, बैंकों की सोच भी बदल रही है. इसे और बदलना चाहिए. हमें कर्ज देने के लिए किन्हीं 'आल्या या माल्या' की नहीं सोचनी चाहिए. बल्कि हमें कर्ज देने के लिए गांवों व कस्बों के 'पाल्या' के बारे में सोचना चाहिए.'

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भारी भरकम एनपीए के लिए गरीब नहीं, बड़े लोग जिम्मेदार : वेंकैया नायडू

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू.

खास बातें

  1. बैंकों की सोच भी बदल रही है. इसे और बदलना चाहिए.
  2. बैंकों को वंचित तबकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
  3. गरीब लोगों का कर्ज भुगतान का रिकार्ड बहुत ही अच्छा है
नई दिल्ली: फंसे कर्ज में बढ़ोतरी के लिए धन संपन्न कंपनियों को जिम्मेदार बताते हुए शहरी विकास मंत्री एम वैंकेया नायडू ने कहा कि गरीब लोगों का कर्ज भुगतान का रिकार्ड बहुत ही अच्छा है और बैंकों को वंचित तबकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

नायडू ने एक कार्यक्रम में कहा, बैंकों की सोच भी बदल रही है. इसे और बदलना चाहिए. हमें कर्ज देने के लिए किन्हीं 'आल्या या माल्या' की नहीं सोचनी चाहिए. बल्कि हमें कर्ज देने के लिए गांवों व कस्बों के 'पाल्या' के बारे में सोचना चाहिए.' उन्होंने कहा, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण इलाकों की गरीब महिलाओं की कर्ज चुकाने का हिसाब 98.99 प्रतिशत है. फंसा हुआ कर्ज एनपए गरीब लोगों के कारण नहीं है, एनपीए बड़े बड़े लोगों के कारण है.

मंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य कालेधन पर काबू पाना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना तथा यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंदों तक धन पहुंचे.

यहां एक कार्यक्रम में नायडू ने कहा कि उनके मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि रीयल एस्टेट (नियमन एवं विकास) कानून से जुड़ी नियामकीय प्रणालियां 30 जुलाई तक लागू कर दी जाएं.


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