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दिल्ली में बंदरों के बढ़ते उत्पात से उपराष्ट्रपति भी परेशान, राज्यसभा में सुनाया दुखड़ा

आईएनएलडी के रामकुमार कश्यप ने कहा- दिल्ली में बंदरों की समस्या बढ़ गई है, गीले कपड़े बाहर सुखाना मुश्किल हो गया है, वे या तो कपड़े फाड़ देते हैं या लेकर भाग जाते हैं

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दिल्ली में बंदरों के बढ़ते उत्पात से उपराष्ट्रपति भी परेशान, राज्यसभा में सुनाया दुखड़ा

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने कहा- मेरे घर में भी यह समस्या है
  2. कहा- दिल्ली में बंदरों की समस्या का कुछ समाधान ढूंढने की जरूरत है
  3. पिछले हफ़्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने भी कहा था कि दिल्ली में बंदर लगातार बढ़ रहे
नई दिल्ली:

राज्यसभा में आज दिल्ली में बंदरों की बढ़ती संख्या और इससे जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठा. इंडियन नेशनल लोकदल के रामकुमार कश्यप ने बंदरों के कारण पेश आ रही समस्याओं का जिक्र किया तो सभापति व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी अपना दुखड़ा सुना डाला. फिर उन्होंने पशु संरक्षण के लिए काम कर रहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी का जिक्र किया और बंदरों की समस्या ने निजात पाने की जरूरत जताई.  

राज्यसभा में इंडियन नेशनल लोकदल के रामकुमार कश्यप ने कहा कि "दिल्ली में बंदरों की समस्या बढ़ गई है. गीले कपड़े बाहर सुखाना मुश्किल हो गया है. बंदर या तो कपड़े फाड़ देते हैं या लेकर भाग जाते हैं. पेड़-पौधे भी तोड़ देते हैं." इस पर सभापति वैंकेया नायडू ने कहा कि "मेरे घर में भी यह समस्या है."

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रामकुमार कश्यप ने कहा कि "एक बार तो एक सांसद बैठक के लिए लेट हो गए क्योंकि बंदरों ने उन पर अटैक कर दिया था. उनके बेटे पर भी हमला किया." इसके बाद सभापति वैंकेया नायडू ने कहा "उपराष्ट्रपति के घर भी यह समस्या है. मेनका गांधी जी यहां नहीं हैं. दिल्ली में बंदरों की समस्या का कुछ समाधान ढूंढने की जरूरत है"

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VIDEO : तीन बंदर हिरासत में..!

आपको बता दें कि पिछले हफ़्ते दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कहा था कि दिल्ली में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए वह योजना तैयार करे. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से भी कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के लिए ज़रूरी धनराशि की व्यवस्था करें. दिल्ली सरकार ने अदालत में रखी स्टेटस रिपोर्ट में कहा था कि दिल्ली के 25000 बंदरों को पकड़ने और उनका बंध्यकरण करने के लिए उसे लगभग 23 करोड़ 50 लाख रुपये चाहिए.


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