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खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा चंबल का जल स्तर, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

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खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा चंबल का जल स्तर, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

सांकेतिक तस्वीर

जयपुर:

राजस्थान के अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित जयपुर डिवीजन के कई हिस्सों में 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम और कोटा, उदयपुर तथा अजमेर, जोधपुर डिवीडन के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद चंबल नदी में जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

कोटा और झालावाड़ इलाके में हो रही तेज बरसात तथा कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। चंबल नदी में पानी बढ़ने के कारण सोमवार को चंबल का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया। रविवार रात आठ बजे चंबल नदी का जल स्तर करीब 136 मीटर रिकॉर्ड किया गया था।

कलक्टर एवं जिला मजिस्टेट शुचि त्यागी ने चंबल इलाके में धारा 144 लगा दी है। जल स्तर में बढ़ोतरी के कारण निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है। उधर, जिले में तेज बरसात तथा चंबल के जल स्तर में बढ़ोतरी होने के बाद में प्रशासन ने तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।

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कलक्ट्रेट स्थित नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को कोटा बैराज से 81 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके अलावा काली सिंध बांध से भी रविवार देर शाम करीब चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद में चंबल के जलस्तर में बढ़ोत्तरी शुरू हो गई थी। यही वजह रही कि चंबल का जलस्तर बीती रात खतरे का निशान पार कर गया।


उधर, चंबल में बढ़ते हुए जलस्तर एवं वाहनों की आवाजाही को देखते हुए वाहनों की गति सीमित करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा के चलते चंबल सड़क पुल पर दोनों ओर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में तय किए सुरक्षा मानकों के मुताबिक चंबल नदी में जल का स्तर 135 मीटर से ऊपर होने पर चंबल पुल से गुजरने वाले वाहनों की अधिकत्तम गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।



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