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विधायक मर्डर केस : राजद नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा

अशोक सिंह 1995 में बिहार में मशरक निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे. उन्होंने प्रभुनाथ सिंह को हराया था. इस चुनावी जीत के 90 दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गई.

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विधायक मर्डर केस : राजद नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा

खास बातें

  1. अशोक सिंह 1995 में बिहार में विधायक निर्वाचित हुए
  2. उन्होंने प्रभुनाथ सिंह को हराया था
  3. इस जीत के 90 दिन बाद ही उनकी हत्या हो गई
झारखंड की हजारीबाग कोर्ट ने राजद नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को पूर्व विधायक अशोक सिंह की हत्‍या के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है. पिछले गुरुवार को प्रभुनाथ सिंह को 22 वर्ष पुराने हत्या के इस मामले में दोषी करार दिया गया था. हजारीबाग जिले की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने प्रभुनाथ सिंह, उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को इस मामले में दोषी ठहराया था.

अशोक सिंह 1995 में बिहार में मशरक निर्वाचन क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे. उन्होंने प्रभुनाथ सिंह को हराया था. इस चुनावी जीत के 90 दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गई. 1995 में प्रभुनाथ सिंह जनता दल में थे और बाद में वह जनता दल (युनाइटेड) शामिल हो गए. मौजूदा समय में वह राजद में हैं.

अशोक सिंह के भाई तारकेश्वर सिंह ने मीडिया को बताया कि उनके भाई ने 1995 में प्रभुनाथ सिंह को चुनाव में हरा दिया था. इसके बाद प्रभुनाथ ने खुले तौर पर कहा था कि अशोक सिंह के विधायक बनने के 90 दिनों के भीतर उसकी हत्या कर दी जाएगी और 90 दिन बाद 3 जुलाई, 1995 को पटना में उनके सरकारी आवास में बम मार कर उनकी हत्या कर दी गई. अशोक सिंह की हत्या के बाद उनकी पत्नी चांदनी देवी ने प्रभुनाथ सिंह और उनके दो भाइयों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर बिहार से झारखंड की हजारीबाग अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था.


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