NDTV Khabar

तेजस्वी-तेज प्रताप के बीच शीतयुद्ध के बाद अब RJD नेता रघुवंश प्रसाद भड़के

राजद के सूत्रों के अनुसार रघुवंश प्रसाद सिंह, जगदानंद की कार्यशैली से नाखुश हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
तेजस्वी-तेज प्रताप के बीच शीतयुद्ध के बाद अब RJD नेता रघुवंश प्रसाद भड़के

रघुवंश और जगदानंद दोनों राजद की 1997 में स्थापना के बाद से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं.

खास बातें

  1. जगदानंद पर बिना नाम लिए साधा निशाना
  2. जगदानंद की कार्यशैली से नाखुश हैं रघुवंश: सूत्र
  3. जगदानंद ने नहीं की कोई सीधी टिप्पणी
पटना:

राजद प्रमुख लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) के दोनों बेटों के बीच शीतयुद्ध के बाद अब पार्टी के पुराने नेता रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) द्वारा नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह (Jagada Nand Singh) पर प्रहार किए जाने के कारण बुधवार को दल की फजीहत हुई . राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने जगदानंद सिंह पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि यहां पार्टी मुख्यालय "सरकारी कार्यालय" की तरह हो गया है. रघुवंश और जगदानंद दोनों राजद की 1997 में स्थापना के बाद से ही उससे जुड़े रहे हैं. 

एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

रघुवंश ने पत्रकारों से बातचीत में बिना अनुमति के राजद के प्रदेश अध्यक्ष के कक्ष में आगंतुकों के प्रवेश पर प्रतिबंध के संदर्भ में जगदानंद का नाम लिए बिना उनपर प्रहार करते हुए कहा “हरेक को अनुशासन अपने भी स्वयं ही लागू करना चाहिए. इसे बाहर से लागू नहीं किया जाना चाहिए. हमारी पार्टी के कार्यकर्ता वैसे कर्मचारी नहीं हैं जो वेतन पाते हैं. उसकी सराहना की जानी चाहिए . हमें पार्टी कार्यालय को सरकारी कार्यालय के सदृश बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए ”. 


राजद के सूत्रों के अनुसार रघुवंश, जगदानंद की कार्यशैली से नाखुश हैं. रघुवंश की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर, जगदानंद ने चतुराई से कहा, “मैं पार्टी की राज्य इकाई का प्रमुख हूं. वे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के नाते हमसे उंचे पद पर आसीन हैं. मैं उनसे सलाह लूंगा और मेरी कार्यशैली में यदि कोई कमी है, जिससे मैं अनभिज्ञ हूं, तो मैं उसके बारे पता लगाने की कोशिश करूंगा ”. 

टिप्पणियां

बिहार में जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार क्यों नहीं जाएंगे RJD के साथ

ऐसी भी अटकलें हैं कि रघुवंश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजग विरोधी मोर्चे में वापसी को लेकर दिए गए बयान के एक दिन बाद जगदानंद ने कहा था “तेजस्वी के नेतृत्व पर कोई समझौता नहीं होने जा रहा है”. इस बीच, नीतीश की पार्टी जदयू के प्रवक्ता निखिल मंडल ने रघुवंश के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने मन की बात कहने से नहीं कतराते. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें. India News की ज्यादा जानकारी के लिए Hindi News App डाउनलोड करें और हमें Google समाचार पर फॉलो करें


 Share
(यह भी पढ़ें)... नागरिकता कानून को लेकर लोकसभा स्पीकर ने EU को लिखा खत,  कहा- CAA के खिलाफ प्रस्ताव गलत नजीर होगा

Advertisement