रॉबर्ट वाड्रा ED दफ्तर से बाहर निकले, 'चौकीदार चोर है' की नारेबाजी होने लगी!

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चौथी बार रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ की, सीसी थंपू को लेकर किए गए प्रश्न

खास बातें

  • थंपू ने कथित रूप से संपत्तियों की खरीद में वाड्रा की मदद की
  • रॉबर्ट वाड्रा से ईडी ने करीब साढ़े तीन घंटे तक की पूछताछ
  • मौजूद समर्थकों ने वाड्रा और प्रियंका के जिंदाबाद के नारे लगाए
नई दिल्ली:

रॉबर्ट वाड्रा से मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ED ने चौथी बार बुधवार को फिर पूछताछ की. पूछताछ में लंदन समेत उनकी तमाम संपत्तियों की जानकारी ली गई. बुधवार को सुबह रॉबर्ट वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए ईडी के दफ्तर पहुंचे. वाड्रा से करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ चली.

पूछताछ के बाद वाड्रा बाहर निकले तो उनके समर्थक ईडी दफ्तर के बाहर ही प्रियंका गांधी जिंदाबाद, रॉबर्ट वाड्रा जिंदाबाद और चौकीदार चोर है के नारे लगाने लगे. इस बात से नाराज ED के वकील ने पिछली सुनवाई में कोर्ट में कहा था कि रॉबर्ट वाड्रा भीड़ की शक्ल में बारात लेकर आते हैं.

रॉबर्ट वाड्रा से उनकी लंदन से लेकर भारत में तमाम संपत्तियों में के बारे में पूछताछ हुई. इस बार की पूछताछ सीसी थंपू को लेकर हुई. थंपू दुबई में रहता है और आरोप है कि लंदन की बेनामी संपत्तियों की खरीद फरोख्त में उसने वाड्रा का न सिर्फ सहयोग किया बल्कि सेल कंपनी के जरिए संपत्ति भी खरीदी.

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हालांकि अब तक वाड्रा लंदन में अपनी किसी संपत्ति के होने से इनकार ही कर रहे हैं. उनका कहना कि थंपू या आर्म्स डीलर संजय भंडारी से उनके कोई कारोबारी रिश्ते नहीं हैं. आरोप है कि पेट्रोलियम और एक डिफेंस डील के एवज़ में संजय भंडारी के जरिए वाड्रा को लंदन में संपत्तियां दी गईं.

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संपत्तियों की यह खरीद फरोख्त सेल कंपनियों के जरिए हुई. ये काम वाड्रा का करीबी मनोज अरोड़ा देख रहा था. इसका खुलासा संजय भंडारी उसके रिश्तेदार सुमित चड्डा और रॉबर्ट वाड्रा के बीच हुए ईमेलों से हुआ.

VIDEO : प्रवर्तन निदेशालय में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ

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यह सभी संपत्तियां 2009 से 2010 के बीच खरीदी गईं. संजय भंडारी और सुमित चड्डा दोनों देश छोड़कर भाग गए हैं, इसलिए उनसे पूछताछ नहीं हो सकी है.