सचिन पायलट ने कांग्रेस पार्टी के इस फैसले की तारीफ की, कहा- संघर्ष करने वाले लोगों को तो...

सचिन पायलट ने कहा कि ऐसा होता आया है कि सरकार के गठन के बाद पार्टी संगठन को हल्के में ले लिया जाता है.

सचिन पायलट ने कांग्रेस पार्टी के इस फैसले की तारीफ की, कहा- संघर्ष करने वाले लोगों को तो...

सचिन पायलट ने की कांग्रेस के इस फैसले की तारीफ

नई दिल्ली:

राजस्थान में कांग्रेस द्वारा एक समन्वय समिति गठित करने की प्रशंसा करते हुए राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इसे अच्छा कदम करार दिया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया, उन्हें जरूर यह महसूस कराया जाना चाहिए कि वह राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. सचिन पायलट ने कहा कि ऐसा होता आया है कि सरकार के गठन के बाद पार्टी संगठन को हल्के में ले लिया जाता है. राजस्थान के सात करोड़ लोगों ने कांग्रेस पर विश्वास करके उसे वोट दिया. इसके बाद ही पार्टी ने यह निर्णय लिया कि कौन मुख्यमंत्री, कौन उपमुख्यमंत्री और कौन मंत्री बनेगा. राज्य के कोटा में नवजात बच्चों की मौत के मुद्दे से निपटने के तरीकों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आलोचना के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है.

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वहीं कुछ समय पहले कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने राजस्थान और कांग्रेस शासित राज्यों में पार्टी और सरकार का सुचारू रूप से कामकाज सुनिश्चित करने के लिए समन्वय और घोषणापत्र कार्यान्वयन समितियों के गठन की बात कही थी. सचिन पायलट ने कहा कि सरकार का हिस्सा होने और RPCC प्रमुख के तौर पर यह उनकी जिम्मेदारी है कि पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए संघर्ष को पहचान मिले. उन्होंने पिछले सप्ताह ही प्रदेश पार्टी अध्यक्ष के रूप में छह साल पूरे किए हैं. वह राज्य ईकाई के अब तक के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष बने रहने वाले नेता हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने और संघर्षों के दिन में पार्टी अध्यक्ष के रूप में राज्य के लोगों के साथ उनका अलग तरह का संबंध विकसित हुआ है और यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है.

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उप-मुख्यमंत्री लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सरकार को लोगों तक पहुंचाना चाहिए. उन्होंने कोटा के एक सरकारी अस्पताल में 100 से ज्यादा नवजात बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदार तय करने की बात कही थी ताकि इस तरह की दुखभरी घटना दोबारा न हो सके. पायलट ने कहा कि हमें इन मामलों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. सुशासन जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने से आता है. ऐसा करने से कम से कम यह तय होता है कि ऐसी दुख भरी घटना दोबारा नहीं होगी और सुधारात्मक कदम तत्काल उठाया जाए.

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उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में बेहद संवेदनशीलता और दया की भावना दिखानी चाहिए और लोगों को यह विश्वास होना चाहिए कि ऐसे कदम उठाए गए हैं जिससे ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी. पायलट पहले कोटा के मामले में यह कह चुके हैं कि सरकार और अधिक संवेदनशीलता दिखा सकती थी और उन्होंने कुछ मृत बच्चों के माता-पिता से भी मुलाकात की थी. समन्वय और घोषणापत्र कार्यान्वयन समिति के गठन पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह अच्छा कदम है. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिन्होंने सच में संघर्ष किया और चुनाव जिताया, उनके योगदान को जरूर पहचान मिलनी चाहिए. उन्हें यह विश्वास दिलाया जाना चाहिए कि वह सरकार का अहम हिस्सा हैं. निश्वित रूप से इस कदम से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का विश्वास और मजबूत होगा. 



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)