राजस्थान में 5 उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं : सचिन पायलट

यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य में और भी उपमुख्यमंत्री बनाने के इच्छुक हैं, इस पर पायलट ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, 'यदि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधर सकती है और किसानों के कर्ज माफ हो सकते हैं तो केवल दो ही क्यों?

राजस्थान में 5 उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं : सचिन पायलट

राजस्थान सरकार में उप मुख्यमंत्री हैं सचिन पायलट

नई दिल्ली:

राजस्थान में और भी उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की संभावना से जुड़ी खबरों के बीच सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि यदि राज्य में कानून व्यवस्था ठीक हो सकती है और किसानों की कर्ज माफी के वादे को पूरा किया जा सकता है, तो राज्य में पांच उप मुख्यमंत्री भी बनाये जा सकते हैं.  उप मुख्यमंत्री पायलट का यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राज्य में जातीय समीकरण का संतुलन बनाये रखने के लिये दो और उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की संभावना जताई जा रही है. यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य में और भी उपमुख्यमंत्री बनाने के इच्छुक हैं, इस पर पायलट ने अपनी पहली टिप्पणी में कहा, 'यदि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधर सकती है और किसानों के कर्ज माफ हो सकते हैं तो केवल दो ही क्यों? राज्य में पांच उपमुख्य मुख्यमंत्री भी हो सकते हैं.' हालांकि, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष ने ऐसे किसी प्रस्ताव के बारे में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. यह सब पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करता है. सरकार की तरफ से भी अधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है. 

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पायलट ने कहा, 'सरकार में हमारा ध्यान जनता से किये गये वादों को पूरा करने पर होना चाहिए और हमारी प्राथमिकता है कि हम मतदाता के प्रति जिम्मेदार रहे.' उल्लेखनीय है कि गहलोत ने अपने पहले कार्यकाल के अंतिम वर्ष में जाट समुदाय पर वर्चस्व कायम रखने के लिये कमला बेनीवाल और अनुसूचित जाति में वर्चस्व रखने के लिये बनवारी लाल बैरवा को उप मुख्यमंत्री बनाया था. बीजेपी ने हाल ही में जाट नेता और विधायक सतीश पूनियां को राज्य का प्रदेशाध्यक्ष बनाया है.

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गौरतलब है कि पायलट ने इससे पूर्व राज्य में गिरती कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि सरकार को कानून व्यवस्था पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है. गृह विभाग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास ही है. दोनों नेता राज्य में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे. 

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