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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पहुंचे अयोध्या, तो संत समाज ने कहा- यहां पूजा -अर्चना करें, राजनीति नहीं 

योध्या के संत समाज ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) दर्शन के लिए आएं हैं तो ठीक है, मगर इसे राजनीतिक आखाड़ा न बनाएं. वहीं, मुस्लिम समाज ने इसे कानून का 'मजाक उड़ाना' बताया है.

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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पहुंचे अयोध्या, तो संत समाज ने कहा- यहां पूजा -अर्चना करें, राजनीति नहीं 

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने अयोध्या में पूजा-अर्चना की.

खास बातें

  1. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पहुंचे हैं अयोध्या
  2. बेटे के साथ की अयोध्या में पूजा-अर्चना
  3. संतों ने कहा- पूजा ठीक, सियासत नहीं
लखनऊ:

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) अयोध्या पहुंच गए हैं. उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द करना होगा. सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए. इस बीच अयोध्या के संत समाज ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) दर्शन के लिए आएं हैं तो ठीक है, मगर इसे राजनीतिक आखाड़ा न बनाएं. वहीं, मुस्लिम समाज ने इसे कानून का 'मजाक उड़ाना' बताया है. मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा, "रामजी के दर्शन के लिए जो भी भक्त आए, अच्छी बात है. इसी क्रम में ये भी लोग आए होंगे. हमारा संकल्प है कि रामभूमि के साथ परिवेश बनाएंगे'. वहीं, संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास रामायणी ने कहा कि अब देरी बर्दाश्त नहीं है. भगवान राम को कांग्रेस ने 35 वर्ष तक जेल में बंद रखा, आज भी उसकी मानसिकता बदली नहीं है. जब राम मंदिर बनेगा, तभी हमें धार्मिक स्वतंत्रता मिलेगी. दर्शन-पूजन के लिए कोई आए, मनाही नहीं है. बस इस विषय को राजनीति से दूर रखा जाए. 

अयोध्या में उद्धव ठाकरे ने कहा- जल्द करना होगा राम मंदिर का निर्माण, सरकार को लाना चाहिए अध्यादेश


हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि अयोध्या अभी तक उपेक्षित रहा है. योगी अदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही यहां हलचल बढ़ी है. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) आए तो अच्छी बात है, स्वागत है. वह एक भक्त बनकर आएं तो अच्छी बात है. इस बार उनकी पार्टी के सांसदों की संख्या ठीक-ठाक है. इस मुद्दे को उनके सांसद संसद में उठाएं, तब पता चलेगा कि इस पक्ष में कितने लोग हैं. रामलला परिसर को राजनीति के आखाड़े से दूर ही रखें तो बेहतर होगा. अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पक्षकार इकबाल अंसारी को मगर शिवसेना प्रमुख ठाकरे का अयोध्या आने का कारण समझ में नहीं आया. अंसारी ने ठाकरे की अयोध्या यात्रा को 'राजनीति से प्रेरित' बताया है. अंसारी ने कहा कि राम जन्मभूमि को लेकर दोनों पक्षों को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अयोध्या धर्म नगरी है. अयोध्या में आकर सरयू स्नान, हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन करना अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख का 18 सांसदों के साथ अयोध्या आना धर्म का काम नहीं, बल्कि राजनीति है. 

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इकबाल अंसारी ने कहा कि ठाकरे यहां बाबरी मस्जिद बनाम राम जन्मभूमि की राजनीति न करें तो बेहतर होगा. इस मामले को हल करने के लिए पैनल बनाया गया है, वही पैनल बातचीत के लिए हिंदू और मुसलमान पक्षकारों को बुला रहे हैं. उन्होंने कहा कि जन्मभूमि की राजनीति करना कानून में आता है और कानून का कई लोग मजाक उड़ा रहे हैं. अयोध्या एक धार्मिक स्थल है, लेकिन नेता यहां केवल राजनीति करने आते हैं. ये लोग अपने मकसद के लिए राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की राजनीति करते हैं. अयोध्या साधु-संतों का शहर है और जहां साधु होते हैं वहां शांति होती है. दूसरी तरफ, बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी का कहना है कि इस मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होना है, इसीलिए यहां पर दर्शन-पूजन करके ये वहां पर लोगों को अपनी बहादुरी बताएंगे. इन लोगों की नीयत से सब लोग वाकिफ हैं. (इनपुट- IANS) 

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वीडियो- अयोध्या केस में जानिए क्यों होगा मध्यस्थता से फैसला



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