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लोकसभा में समझौता एक्सप्रेस विस्फोट का मामला गूंजा, जांच की मांग

शून्यकाल में भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में जो तथ्य सामने आए हैं, उनमें फर्स्ट इंफॉर्मेशन ऑफिसर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पकड़े गए संदिग्ध को ऊपर के दबाव में छोड़ा गया.

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लोकसभा में समझौता एक्सप्रेस विस्फोट का मामला गूंजा, जांच की मांग

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. सदन में भाजपा सदस्यों ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मुद्दे को उठाया
  2. समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट सिमी और पाक की साजिश का परिणाम था
  3. पाकिस्तानी संदिग्धों को सिर्फ 14 दिनों में कैसे छोड़ दिया गया
नई दिल्ली: लोकसभा में भाजपा सदस्यों ने समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मुद्दे को उठाया. इसके साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर मामले में पाकिस्तान की भूमिका को दबाने का आरोप लगाया. शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में जो तथ्य सामने आए हैं, उनमें फर्स्ट इंफार्मेशन ऑफिसर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पकड़े गए संदिग्ध को ऊपर के दबाव में छोड़ा गया.

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'मामले की जांच जरूरी'
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और पाकिस्तान के लाहौर के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट आतंकी संगठन सिमी और पाकिस्तान की साजिश का परिणाम था. हालांकि तत्कालीन गृह मंत्री ने अपने दफ्तर का दुरुपयोग किया. उन्होंने ऐसे लोगों का साथ दिया गया जो देश के खिलाफ काम कर रहे थे.  क्या विरोध करने के नाम पर कोई दल इस हद तक जा सकता है कि देश विरोधी तत्वों का साथ दे. अग्रवाल ने कहा कि देश के प्रति दुश्मनी रखने वालों के साथ खड़े होने की जांच की जाए. 

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10 साल पुराना मामला
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन हमारे विरोध में खड़ा है और इनके नेता उस देश के राजदूत से मिलने जाते हैं. भाजपा सदस्य ने कहा कि समझौता एक्सप्रेस हादसा 10 साल पुराना है. उस समय जांच में पाकिस्तान के दो संदिग्धों के शामिल होने की बात सामने आई थी. उन्होंने कहा कि इस मामले में हाल में कुछ खुलासे सामने आए हैं . हमारा कहना है कि तत्कालीन सरकार ने इस मामले में पकड़े गए पाकिस्तानी संदिग्धों को सिर्फ 14 दिनों में कैसे छोड़ दिया. इस मामले में तब गलत रिपोर्ट कैसे पेश कर दी गई.  
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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