Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
NDTV Khabar

संजय राउत ने सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध करने वालों की दी सलाह, कहा- ऐसे लोगों को...

राउत के इस बयान से वैचारिक रूप से भिन्न कांग्रेस और राकांपा के साथ महाराष्ट्र में सत्ता में साझेदारी कर रही उनकी पार्टी के लिये मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
संजय राउत ने सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध करने वालों की दी सलाह, कहा- ऐसे लोगों को...

संजय राउत ने सावरकर को लेकर बयान दिया है.

खास बातें

  1. संजय राउत ने सावरकर को लेकर बयान दिया है
  2. भारत रत्न दिए जाने का विरोध करने वालों को अंडमान जेल जाना चाहिए-राउत
  3. कांग्रेस इस मामले में भारत रत्न दिए जाने के खिलाफ है
मुम्बई:

शिवसेना सेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि जो लोग हिंदूवादी विचारक वी डी सावरकर को भारत रत्न दिये जाने का विरोध कर रहे हैं उन्हें अंडमान की सेल्युलर जेल में दो दिन गुजारने के लिए भेजा जाना चाहिए, जहां स्वतंत्रता सेनानी को कारावास के दौरान रखा गया था. राउत के इस बयान से वैचारिक रूप से भिन्न कांग्रेस और राकांपा के साथ महाराष्ट्र में सत्ता में साझेदारी कर रही उनकी पार्टी के लिये मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. कांग्रेस सावरकर को देश का शीर्ष नागरिक सम्मान दिये जाने के विरूद्ध है जबकि दक्षिणपंथी दल उन्हें बड़े सम्मान की नजर से देखते हैं.

शिवसेना नेता संजय राउत बोले- पाकिस्तानी आ सकते हैं भारत, हम बेलगाम क्यों नहीं जा सकते?

राउत ने कहा, ‘‘सावरकर के विरोधियों को ब्रिटिश शासन के दौरान उन्हें हुई कठिनाइयों को समझने के लिए (पिछली) अंडमान सेल्युलर जेल में दो दिन गुजारना चाहिए.'' कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिसंबर, 2019 में ‘भारत में बलात्कार' संबंधी अपने बयान पर यह कहते हुए माफी मांगने से इनकार कर दिया था, ‘‘मेरा नाम राहुल गांधी है, न कि राहुल सावरकर.'' उनके इस बयान से विवाद खड़ा हो गया था.


राउत के बयान पर महाराष्ट्र के मंत्री और युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने कहा कि अतीत में डुबकी लगाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि किस हैसियत से राउत ने यह बयान दिया. उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र विकास अघाडी लोगों की आकांक्षाओं की बात करती है. कई लोगों को इस बात से बुरा लग रहा है कि कांग्रेस और शिवसेना के बीच कोई टकराव नहीं है.''

टिप्पणियां

छत्रपति शिवाजी या इंदिरा गांधी का नाम कभी भी सियासी फायदे के लिए नहीं लिया : शिवसेना

आदित्य ठाकरे ने कहा, ‘‘विभिन्न विचारधाराएं होने के बावजूद दोनों दल देश और राज्य के हित में साथ आए. लोकतंत्र का मतलब है कि विभिन्न विचारधाराएं देशहित में मिलकर काम कर सकती हैं.'' उन्होंने कहा कि वह स्वतंत्रता आंदोलन के सभी दिग्गजों का सम्मान करते हैं.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें. India News की ज्यादा जानकारी के लिए Hindi News App डाउनलोड करें और हमें Google समाचार पर फॉलो करें


 Share
(यह भी पढ़ें)... पक्षियों ने अपने बच्चे को ऐसे खिलाया खाना, IFS ऑफिसर ने शेयर किया वीडियो, बोले- 'प्रकृति की सबसे...' देखें Video

Advertisement