सऊदी अरब ने भारतीय अर्थव्यवस्था में जताया भरोसा, निवेश योजनाओं पर आगे बढ़ेगा

फरवरी में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने भारत के पेट्रो-रसायन, तेल शोधन, बुनियादी ढांचा, खनन, विनिर्माण , कृषि और कई अन्य क्षेत्रों में कुल 100 अरब डालर (करीब 7,400 अरब रुपये) के बड़े निवेश की योजना की घोषणा की थी.

सऊदी अरब ने भारतीय अर्थव्यवस्था में जताया भरोसा, निवेश योजनाओं पर आगे बढ़ेगा

सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान पिछले साल फरवरी में किया था निवेश का ऐलान (फाइल)

नई दिल्ली:

सऊदी अरब (Saudi Arabia ) ने भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy) की ताकत पर भरोसा जताया है. उसने रविवार को कहा कि भारत में निवेश की उसकी योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढेंगी. दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कोरोना संक्रमण के झटकों से निकल कर आगे बढ़ने की पूरी ताकत और क्षमता मौजूद है. पिछले साल फरवरी में सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने भारत के पेट्रो-रसायन, तेल शोधन, बुनियादी ढांचा, खनन, विनिर्माण , कृषि और कई अन्य क्षेत्रों में कुल 100 अरब डालर (करीब 7,400 अरब रुपये) के बड़े निवेश की योजना की घोषणा की थी.


भारत में सऊदी अरब (Saudi Arabia ) के राजदूत डा सऊद बिन मोहम्मद अल साती कहा कि भारत में निवेश की हमारी योजनाएं सही राह पर चल रही हैं. दोनों देशों में निवेश की प्राथमिकताएं तय करने में लगे हुए हैं. साती ने महामारी के संकट से अर्थव्यवस्था को उबारने में भारत के उपायों की सराहना की. दोनों देशों की अर्थव्यवस्था सुधरने से क्षेत्र के अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी और दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. इसमें महामारी के मौजूदा संकट के असर से उबरने की पूरी क्षमता है.

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उन्होंने भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की हाल की सऊदी अरब की ऐतिहासिक यात्रा का सीधा उल्लेख किए बिना कहा कि 2019 में सामरिक भागीदारी परिषद के गठन से दोनों देशों के बीज कई क्षेत्रों में सहयोग के नए मार्ग खुले हैं. इसमें प्रतिरक्षा, सुरक्षा और पर्यटन के क्षेत्र भी शामिल हैं. जनरल नरवणे पिछले सप्ताह वहां गए थे. यह भारतीय सेना के किसी प्रमुख की सऊदी अरब की पहली यात्रा थी. सामरिक भागीदारी परिषद का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गत वर्ष अक्टूबर की रियाद यात्रा के समय किया गया था. यह परिषद दोनों पक्ष के बीच रणनीतिक भागीदारियों में प्रगति की समीक्षा करती है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)