'विदेशों में जमा काला धन राष्ट्रीय लूट का प्रतीक'

खास बातें

  • न्यायालय ने केंद्र सरकार से विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
नई दिल्ली:

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अवैध तरीकों से जोड़ा और विदेशों में जमा किया गया काला धन राष्ट्रीय लूट का सूचक है। न्यायालय ने केंद्र सरकार से विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एसएस निज्जर की सर्वोच्च न्यायालय पीठ ने लिकलेस्टीन के बैंकों में जमा काले धन के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए याचिका का दायरा संकुचित करने और विदेशों में काला धन जमा करने वाले भारतीयों की जानकारी उपलब्ध न कराने पर केंद्र सरकार की खिंचाई की। सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की जिसमें सरकार से विदेशों में जमा काले धन की जानकारी और इस धन को वापस लाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई का खुलासा करने की मांग की गई है। इससे पहले 14 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से विदेशों में काला धन जमा करने वाले लोगों के नामों का खुलासा नहीं कर पाने का कारण बताने को कहा था। यूरोप में स्थित 160 वर्ग किलोमीटर की लिकलेस्टीन रियासत में स्विट्जरलैंड और जर्मनी के करीब 15 बैंक हैं। इस रियासत की कुल जनसंख्या 67,000 है।

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