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पटाखों पर प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले की सुप्रीम कोर्ट में हुई तारीफ

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जस्टिस सीकरी ने जो आदेश दिया था वो उसकी वजह से दीपावली के अगले दिन हम सभी साफ हवा में सांस ले पाए.  

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पटाखों पर प्रतिबंध लगाए जाने के फैसले की सुप्रीम कोर्ट में हुई तारीफ

फाइल फोटो

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक के आदेश की सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सराहना की है. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जस्टिस सीकरी ने जो आदेश दिया था वो उसकी वजह से दीपावली के अगले दिन हम सभी साफ हवा में सांस ले पाए.  दरअसल जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने ये बात तब कही जब अटॉर्नी जरनल के के वेणुगोपाल ने कहा कि सभी मौलिक अधिकारों को लागू कर पाना संभव नहीं है केवल उन्हीं को लागू करने के लिए कोर्ट को आदेश देने चाहिए जो लागू हो सके. अटॉर्नी जरनल केके वेणुगोपाल ने नेशनल हाईवे के किनारे शराब की दुकानों को हटाने के फैसले का जिक्र किया. तब जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आपने हमारा फैसला नहीं पढ़ा, हमने केवल आपकी पॉलिसी को लागू किया.

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाईवे के किनारे शराब की दुकानों को हटाने के लिए कई निदेश जारी किए थे, जिसके आधार पर हमने फैसला दिया था. इतना ही नही पुराने अटॉनी जरनल ने तमिलनाडु सरकार की तरफ से पेश होते हुए केंद्र सरकार के पॉलिसी का विरोध किया था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ इस मसले पर सुनवाई कर रही है जिसमें पीठ को ये तय करना है कि क्या कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 32 या अनुच्छेद 136 के तहत दाखिल याचिका पर कोर्ट संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट को रेफरेंस के तौर ले सकती है और इस पर भरोसा कर सकती है? साथ ही क्या ऐसी रिपोर्ट को रेफरेंस के उद्देश्य से देखा जा सकता है और अगर हां तो किस हद तक इस पर प्रतिबंध रहेगा.

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ये देखते हुए कि संविधान के अनुच्छेद 105, 121, और 122 में विभिन्न संवैधानिक संस्थानों के बीच बैलेंस बनाने और 34 के तहत संसदीय विशेषाधिकारों का प्रावधान दिया गया है.


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