NDTV Khabar

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का मामला, सुप्रीम कोर्ट के जज ने खुद को सुनवाई से किया अलग

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या के बाद देश भर में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश बनाने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट सुनवाई कर रहा है.

61 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का मामला, सुप्रीम कोर्ट के जज ने खुद को सुनवाई से किया अलग

फाइल फोटो

नई दिल्ली: देशभर के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन का पालन कराने और अन्य गाइडलाइन बनाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्टमें जस्टिस एएम खानविलकर ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. अब ये मामला दूसरी बेंच सुनेगी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता सुजीता श्रीवास्तव को कहा कि सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकारों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने जो दिशा निर्देश बनाये है उनको एक जगह इकट्ठा करके कोर्ट में जमा कर दें. 

तीन तलाक पर होगी तीन साल की जेल, नए कानून का मसौदा तैयार- जानें 10 खास बातें

आपको बता दें कि गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या के बाद देश भर में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश बनाने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को कहा कि जिसको भी अपना सुझाव देना है वो याचिकाकर्ता सुजीता श्रीवास्तव को देंगे. 

प्रद्युम्‍न के पिता ने कहा- आरोपी छात्र को माना जाए बालिग, कोर्ट ने 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेजा

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को कहा था कि बच्चों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर दिशा-निर्देश बनाने को लेकर सुझाव दें. सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस भी जारी किया है जिन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया है, कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई कोर्ट में जवाब दाखिल करें.

वीडियो : हरियाणा पुलिस पर कंडक्ट अशोक ने लगाया गंभीर आरोप

क्या कहा गया है याचिका में
इस याचिका में कहा गया है कि रेयॉन की घटना के बाद से देश भर के अभिभावकों में डर का माहौल है. बच्चों की सुरक्षा के लिए जो पालिसी तैयार की गई है ज्यादातर स्कूल उसका पालन नहीं करते. सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी कर इसका सही तरह से पालन कराए. इसके अलावा देश भर में बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गाइडलाइन बनाई जाए. जो दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता तो उन स्कूलों का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए. 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement