NDTV Khabar

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक बड़े आदेश में कहा, पत्नी को रखने के लिए पति को मजबूर नहीं कर सकती अदालत

एससी ने पति पत्नी के बीच सुलह समझौते की सुनवाई करते हुए दिया यह फैसला

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक बड़े आदेश में कहा, पत्नी को रखने के लिए पति को मजबूर नहीं कर सकती अदालत

सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय(एससी) ने एक मामले की सुनवाई करते हुए पत्नी को रखने को लेकर एक अहम फैसला सुनाया. एससी ने अपने फैसले में कहा कि कोई अदालत किसी पति को इस बात के लिए मजबूर नहीं कर सकती कि वह अपनी पत्नी को अपने साथ रखे. दरअसल, एससी पति पत्नी के बीच सुलह समझौते को लेकर एक मामले की सुनवाई कर रही थी. सुनवाई के दौरान ही एससी ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस जमानत आदेश को भी बहाल कर दिया है जिसे पति द्वारा सुलह समझौता मानने से इनकार करने के कारण रद्द कर दिया गया था.

यह भी पढ़ें: लव जिहाद मामला : हादिया ने कहा- मैं एक मुस्लिम हूं, मैं अपने पति के साथ रहना चाहती हूं

एससी ने पेशे से पायलट एक व्यक्ति को अलग रह रही पत्नी और बेटे की परवरिश के लिए 10 लाख रुपये अंतरिम गुजारा भत्ता के तौर पर जमा कराने के लिए भी कहा है. न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति यू यू ललित ने कहा, कि हम एक पति को पत्नी को रखने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. यह मानवीय रिश्ता है. आप (व्यक्ति) निचली अदालत में 10 लाख रुपये जमा कराएं जिसे पत्नी अपनी फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना शर्त निकाल पाएगी.

टिप्पणियां
VIDEO: तीन तलाक को लेकर एक अहम बिल लाने की तैयारी 


न्यायालय ने कहा कि इस राशि को पत्नी बिना किसी शर्त के निकाल सकती है ताकि वह अपनी और अपने बच्चे की फौरी जरूरतों को पूरा कर सके.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement