विदेशी राजनयिकों के जम्मू-कश्मीर दौरे का दूसरा दिन : PDP की केंद्र सरकार को चुनौती, हिरासत में रखे गए नेताओं से मिलवाए

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म हुए 5 महीने हो गए हैं. केंद्र सरकार ने वहां के हालात को सामान्य बताते हुए 15 देशों के राजनयिकों को खुद जाकर ज़मीनी स्थिति का आकलन करने का मौका दिया है. जिसे विपक्ष एक 'गाइडेड टूर' बता रहा है.

विदेशी राजनयिकों के जम्मू-कश्मीर दौरे का दूसरा दिन : PDP की केंद्र सरकार को चुनौती, हिरासत में रखे गए नेताओं से मिलवाए

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के 5 महीने के बाद विदेशी राजनयिकों का दौरा

नई दिल्ली:

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म हुए 5 महीने हो गए हैं. केंद्र सरकार ने वहां के हालात को सामान्य बताते हुए 15 देशों के राजनयिकों को खुद जाकर ज़मीनी स्थिति का आकलन करने का मौका दिया है. जिसे विपक्ष एक 'गाइडेड टूर' बता रहा है. लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस आरोप को खाजिर किया है और यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी दौरे के साथ शर्तें जुड़े होने की बात को भी नकारा है. आपको बता दें कि इस प्रतिनिधिमंडल के दो दिवसीय दौरे का आज आखिरी दिन है.

वहीं पीडीपी का कहना है कि ये दौरा हालात सामान्य दिखाने की कोशिश है. इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका, बांग्लादेश, वियतनाम, नार्वे, मालदीव, दक्षिण कोरिया, मोरक्को, नाइजीरिया और अन्य देशों के राजनयिक भी शामिल हैं.  बादामी बाग कैंटोनमेंट में  सेना ने इन राजनयिकों को सुरक्षा स्थिति पर जानकारी दी है.

राजनयिकों को पीडीपी के नेता सैयद अल्ताफ बुखारी समेत कुछ अन्य नेताओं से मिलाया गया है. उधर पीडीपी ने ट्विटर पर केंद्र को चुनौती दी कि वह राजनयिकों को हिरासत में रखे गए राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की इजाजत दे तभी इनको सच मालूम होगा. वहीं दूसरे देशों के राजनयिकों कश्मीर ले जाने पर कांग्रेस पार्टी ने भी सवाल खड़े किए हैं.  इस बीच कुछ दिन पहले राज्यपाल से मिलने वाले अपने नेताओं को पीडीपी ने निलंबित कर दिया है. 

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