VIDEO: असदुद्दीन ओवैसी की शपथ के दौरान संसद में लगे 'जय श्रीराम' के नारे, AIMIM सांसद बोले- काश... 

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के शपथ के दौरान संसद में 'जय श्रीराम' के नारे लगे.

खास बातें

  • ओवैसी के शपथ के दौरान लगे जय श्रीराम के नारे
  • BJP और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने लगाए नारे
  • ओवैसी बोले- काश उन्हें बिहार में बच्चों की मौत भी याद आ जाए
नई दिल्ली:

17वीं लोकसभा (17th Lok Sabha) के पहले सत्र की कार्यवाही सोमवार से शुरू हो गई. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सहित कई नवनिर्वाचित सदस्यों ने निचले सदन की सदस्यता की शपथ ली. लोकसभा में शपथ के दूसरे दिन मंगलवार को भी कुछ विवाद सामने आए. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के शपथ के दौरान संसद में 'जय श्रीराम' के नारे लगे. जैसे ही असदुद्दीन ओवैसी अपनी सीट से उठकर शपथ के लिए वेल में आए, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने 'जय श्रीराम', 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' के नारे लगाने शुरू कर दिए. इसके जवाब में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने भी अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए जोर-जोर से नारे लगाने का इशारा किया. इसके बाद उन्होंने अपनी शपथ पूरी की और अंत में 'जय भीम', 'जय भीम', 'अल्लाह-हू-अकबर' और 'जय हिन्द' के नारे लगाए. बाद में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि अच्छा है मुझे देखकर उन्हें ये शब्द याद आए, काश उन्हें बिहार में बच्चों की मौत भी याद आ जाए.

विवादों ने संसद में भी नहीं छोड़ा BJP सांसद साध्वी प्रज्ञा का साथ, नाम को लेकर उठे सवाल, जानें पूरा मामला

बता दें कि एक दिन पहले बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के शपथ ग्रहण के दौरान भी एक विवाद सामने आया था. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya Thakur) का विवादों ने संसद में भी पीछा नहीं छोड़ा. पहली बार संसद पहुंची प्रज्ञा ठाकुर जब लोकसभा की सदस्यता की शपथ ले रही थीं तो वहां भी विवाद हो गया. शपथ लेने के दौरान उन्होंने जब अपना नाम पढ़ा तो उसे लेकर कई विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति व्यक्त की. विपक्षी सदस्यों की तीखी आपत्ति के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) का जो नाम निर्वाचन प्रमाणपत्र में लिखा होगा वही सदन के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा. 17वीं लोकसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित सदस्यों को सदन की सदस्यता की शपथ राज्यवार दिलवाई गई. जब मध्य प्रदेश के सदस्यों का नंबर आया तो भोपाल से निर्वाचित होकर आई साध्वी प्रज्ञा का नाम पुकारा गया.

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साध्वी प्रज्ञा (Pragya Thakur) ने संस्कृत में शपथ ली. उन्होंने अपना नाम साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर 'पूर्णचेतनानन्द अवधेशानंद गिरि' बोला. उन्होंने अपनी शपथ पूरी करने के बाद 'भारत माता की जय' भी बोला. उनके इस नाम को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई. पीठासीन अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने प्रज्ञा ठाकुर से संविधान या ईश्वर के नाम पर शपथ लेने को कहा. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) ने कहा कि वह ईश्वर के नाम पर ही शपथ ले रही हैं और अपना वही नाम ले रही हैं जो उन्होंने फॉर्म में भरा है.

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इस बीच कुछ देर तक लोकसभा के अधिकारी और कर्मचारी रिकॉर्ड में साध्वी प्रज्ञा का रिकॉर्ड में उल्लेखित नाम खोजते रहे. इसके बाद जब अध्यक्ष के हस्तक्षेप से हंगामा थमा तो ठाकुर ने शपथ-पत्र का नाम के बाद का हिस्सा ही पढ़ा. इस पर भी कांग्रेस के सदस्यों ने देर तक आपत्ति जताई. हालांकि कार्यवाहक अध्यक्ष कुमार ने आश्वासन दिया कि साध्वी प्रज्ञा का जो नाम निर्वाचन प्रमाणपत्र में लिखा होगा वही सदन के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा.