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शरद यादव ने कहा- विरोधी नहीं चाहते कि मैं संसद में देशहित के मुद्दे उठाऊं

शरद यादव ने राज्यसभा सदस्यता रद्द होने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की, संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति देने की मांग कोर्ट ने ठुकराई

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शरद यादव ने कहा- विरोधी नहीं चाहते कि मैं संसद में देशहित के मुद्दे उठाऊं

शरद यादव (फाइल फोटो).

नई दिल्ली: जदयू के पूर्व सांसद शरद यादव ने कहा है कि उनके कुछ विरोधी नहीं चाहते हैं कि वे संसद में देशहित के मुद्दे उठा सकें. यादव को हाल ही में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था.

शरद यादव ने शनिवार को कहा कि उनके विरोधी समाज के सभी वर्गों से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने से उन्हें रोकने के लिए ये बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं. राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू द्वारा उच्च सदन में उनकी सदस्यता रद्द करने के बाद यादव ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी. अदालत ने कल उनकी इस मांग को ठुकराते हुए सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी.

यह भी पढ़ें  : राज्यसभा से अयोग्य करार दिए गए JDU के बागी नेता शरद यादव ने उठाया यह कदम 

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यादव ने ट्वीट कर कहा ‘‘संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने के मामले में न्यायपालिका के आदेश का सम्मान करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि संसद में समाज के सभी वर्गों से जुड़े मुद्दे मजबूती से उठाने से मुझे रोकने के लिए मेरे विरोधी जिम्मेदार हैं.’’

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VIDEO : शरद यादव की सदस्यता समाप्त


उल्लेखनीय है कि यादव ने राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के सभापति के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है. इसके लिए दायर याचिका में उन्होंने अदालत का फैसला आने तक संसद की कार्यवाही में भाग लेने की भी अनुमित मांगी थी.
(इनपुट भाषा से)


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