सियोल में पाकिस्तानी झंडे के साथ प्रदर्शन करने वालों से बोलीं शाजिया इल्मी- हमारे PM का अपमान न करें

तीन मिनट से ज्यादा लंबे वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शन को देखकर शाजिया इल्मी अपने साथियों के साथ टैक्सी से उतरती हैं और नारेबाजी कर रहे लोगों की तरफ जाती हैं.

सियोल में पाकिस्तानी झंडे के साथ प्रदर्शन करने वालों से बोलीं शाजिया इल्मी- हमारे PM का अपमान न करें

न्यूज एजेंसी एएनआई ने वीडियो जारी किया है.

खास बातें

  • प्रदर्शनकारियों भिड़ीं शाजिया इल्मी
  • भारत विरोधी नारे लगा रहे थे प्रदर्शनकारी
  • सामने आया वीडियो
सियोल:

दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ नारेबाजी कर रहे पाकिस्तानी समर्थकों से भाजपा नेता शाजिया इल्मी भिड़ गईं. उन्होंने कहा कि 'एक भारतीय के रूप में अपमानित होने पर शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराना' जरूरी है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शाजिया इल्मी ने बताया, 'मैं और दो अन्य नेता सियोल में यूनाइटेड पीस फेडरेशन कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने गए थे. कॉन्फ्रेंस के बाद हम लोग भारतीय राजदूत से मिलने दूतावास गए थे.

उन्होंने बताया, 'होटल वापस जाने के रास्ते में, हमने एक भीड़ द्वारा पाकिस्तानी झंडे लेकर आक्रामक विरोध प्रदर्शन करते हुए देखा, भीड़ भारत और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी. काफी संख्या में लोग उन्हें देख रहे थे. तब हमें लगा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें बताएं कि हमारे देश और हमारे प्रधानमंत्री का अनादर न करें. आपको अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से समस्या है, जो पूरी तरह से एक आंतरिक मामला है, और इसका आप सभी से कोई लेना देना नहीं है.' न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में लोगों का एक समूह भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहा है. 

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तीन मिनट से ज्यादा लंबे वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शन को देखकर शाजिया इल्मी अपने साथियों के साथ टैक्सी से उतरती हैं और नारेबाजी कर रहे लोगों की तरफ जाती हैं. भाजपा और आरएसएस नेताओं के साथ शाजिया इल्मी उस भीड़ से भिड़ जाती हैं. 

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प्रदर्शनकारियों से भिड़ने पर शाजिया इल्मी ने कहा, 'हम जहां भी हैं, विरोध दर्ज कराना हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है. मैं जानती हूं कि कुछ देशों में बोलना आसान नहीं है. एक भारतीय के रूप में, एक देशवासी के रूप में अपमानित होने पर अपने गुस्से को शांतिपूर्वक दर्ज करना जरूरी है. किसी भी समय कोई भी आपके देश के बारे में, आपके प्रधानमंत्री के बारे में कुछ भी कहता तो आपको अपनी आवाज उठानी चाहिए और अगर आप शांति से ऐसा कर रहे हैं कि इसके नतीजों से नहीं डरना चाहिए.' प्रदर्शनकारियों के ज्यादा उग्र होने पर स्थानीय पुलिस ने दखल दी और इल्मी और उनके साथियों को वहां से निकालकर ले गईं.

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