NDTV Khabar

तो क्या अब 'शिमला' भी हो जाएगा 'श्यामला'? नाम बदलने पर सरकार कर रही विचार

देश में शहरों के नाम बदलने की कवायद के तहत अब नया निशाना पहाड़ों की रानी ‘शिमला’ है. राज्य में शिमला का नाम बदलकर ‘श्यामला’ करने को लेकर बाकायदा अभियान शुरू हो गया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
तो क्या अब 'शिमला' भी हो जाएगा 'श्यामला'? नाम बदलने पर सरकार कर रही विचार

शिमला (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

देश में शहरों के नाम बदलने की कवायद के तहत अब नया निशाना पहाड़ों की रानी ‘शिमला' है. राज्य में शिमला का नाम बदलकर ‘श्यामला' करने को लेकर बाकायदा अभियान शुरू हो गया है. भाजपा नेता एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों के पौराणिक आधार पर नाम थे, उन नामों को फिर रखने में कोई बुराई नहीं है. शिमला का नाम श्यामला करने को लेकर जारी बहस के बारे में उन्होंने कहा कि इसके बारे में अगर लोगों की राय बनती है, तब इस पर विचार करने में कोई बुराई नहीं है. 

...तो क्या अब फैजाबाद का नाम भी बदल जाएगा? विहिप ने योगी सरकार से की यह मांग

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से शिमला का नाम बदलने को लेकर अलग अलग पक्ष सामने आ रहे हैं. कुछ लोग इसके पक्ष में हैं तो कुछ विरोध भी कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरभजन सिंह भज्जी ने शिमला का नाम बदलने की कवायद पर सवाल उठाते हुए पूछा, ‘इसका औचित्य क्या है'. उन्होंने कहा कि शिमला का नाम बिल्कुल नहीं बदला जाना चाहिए. यह ऐतिहासिक शहर है और ऐसे नाम बदलने से तो ऐतिहासिक चीजें खत्म हो जायेंगी.


#AajSeTumharaNaam: यूपी सरकार ने इलाहाबाद का नाम किया प्रयागराज तो लोग बनाने लगे सीएम योगी के ऐसे Memes

हरभजन सिंह भज्जी ने कहा कि शिमला नाम में क्या बुराई है? नाम बदलने से क्या विकास हो जायेगा? नाम बदलने की कवायद छोड़कर सरकार विकास पर ध्यान दे. विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी अमन पुरी के अनुसार, श्यामला को शिमला किया गया, क्योंकि अंग्रेज श्यामला नहीं बोल पाते थे. उन्होंने इसका नाम ‘सिमला' कर दिया, जो बाद में शिमला हो गया. अंग्रेजों ने 1864 में इस शहर को बसाया था. अंग्रेजों के शासनकाल में शिमला ब्रिटिश साम्राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी.

इलाहाबाद के बाद अब अकबर को बदलने का वक़्त आ गया है

टिप्पणियां

सन् 1947 में आजादी मिलने तक शिमला का यही दर्जा रहा. शिमला को बसाए जाने में सी. प्रैट कैनेडी की अहम भूमिका रही. कैनेडी को अंग्रेजों ने पहाड़ी रियासतों का पॉलिटिकल ऑफिसर नियुक्त किया था. सन 1822 में उन्होंने यहां पहला घर बनाया जिसे 'कैनेडी हाउस' के नाम से जाना गया. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement