महाराष्ट्र में सरकार के गठन के बाद दिग्विजय सिंह ने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को दे डाली यह सलाह

Digvijaya Singh: अजित पवार अकेले इस भाजपा नीत नई सरकार में शामिल हुए हैं, एनसीपी का कोई अन्य विधायक इसमें शामिल नहीं होगा

महाराष्ट्र में सरकार के गठन के बाद दिग्विजय सिंह ने शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को दे डाली यह सलाह

Maharashtra News: दिग्विजय सिंह ने एनसीपी, कांग्रेस व शिवसेना से कहा है कि, सड़कों पर उतरकर देखें मुंबई और महाराष्ट्र की जनता किसके साथ है.

खास बातें

  • सड़कों पर उतरकर देखें मुंबई और महाराष्ट्र की जनता किसके साथ
  • पूछा- क्या राज्यपाल जी को राकांपा द्वारा समर्थन का कोई पत्र मिला है?
  • क्या राज्यपाल जी ने संविधान का उल्लंघन नहीं किया है?
भोपाल:

महाराष्ट्र में नाटकीय घटनाक्रम के बीच भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस के मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने इस गठबंधन को असंवैधानिक बताते हुए शनिवार को कहा कि शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा (एनसीपी) को अपनी ताक़त ज़मीन पर दिखाकर मुंबई की सड़कों पर उतरना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि अजित पवार अकेले इस भाजपा नीत नई सरकार में शामिल हुए हैं और राकांपा का कोई अन्य विधायक इस सरकार में शामिल नहीं होगा.

दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल महोदय (भगत सिंह कोश्यारी) से मेरे कुछ बुनियादी प्रश्न हैं. पहला, क्या राज्यपाल जी को राकांपा द्वारा समर्थन का कोई पत्र मिला है? दूसरा सामान्य रूप से राज्यपाल जी को राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल का विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र मिलने के बाद ही शपथ के लिए आमंत्रित करना चाहिए था. तीसरा यदि ऐसा नहीं किया गया है तो क्या महामहिम राज्यपाल जी ने संविधान का उल्लंघन नहीं किया है?''

उन्होंने कहा,‘‘शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस को अपनी ताक़त ज़मीन पर दिखाकर सड़कों पर उतरना चाहिए. देखते हैं मुंबई और महाराष्ट्र की जनता किसके साथ है?'' दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने लिखा, ‘‘तीनों पार्टियों के लिए यह अस्तित्व का सवाल है. विशेषकर उद्धव (ठाकरे) और ठाकरे परिवार के लिए यह प्रतिष्ठा का प्रश्न है.''

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उन्होंने कहा कि यह जरा भी आश्चर्यचकित नहीं करता कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता को चुनावी नारा दिया था- ‘‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा.'' लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी का नारा है – ‘‘ख़ूब खाओ और ख़ूब खाकर-खिलाकर भाजपा में आ जाओ'' और प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई तथा आयकर विभाग से मुक्ति पाओ. क्योंकि मोदी है तो सब कुछ मुमकिन है. दिग्विजय ने कहा कि पाप का यह घड़ा फूटकर रहेगा.

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ट्वीट के बाद मीडिया के सवालों के जवाब में दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने कहा कि महाराष्ट्र में हुए नाटकीय घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस भी शिवसेना के साथ मुंबई की सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए उतरेगी. उन्होंने दावा किया कि राकांपा नेता अजित पवार अकेले ही भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हुए हैं और राकांपा का अन्य कोई विधायक पार्टी छोड़कर अजित पवार के साथ नहीं जाएगा. दिग्विजय ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फड़णवीस ने अजित पवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे बड़े जोर-शोर से उठाए थे. अब दोनों साथ आ गए हैं. भ्रष्टाचार के इन मुद्दों का अब क्या होगा.''

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उन्होंने कहा कि भाजपा और अजित पवार का यह गठबंधन असंवैधानिक है. भाजपा ने ऐसा ही गोवा, मेघालय और मणिपुर में भी किया है. फड़णवीस और अजित पवार ने शनिवार सुबह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह शपथग्रहण ऐसे समय हुआ जब एक दिन पहले शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी.

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