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आचरेकर के अंतिम संस्कार पर सियासी घमासान, शिवसेना ने तेंदुलकर को दी यह नसीहत

सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर के अंतिम संस्कार पर सियासी खींचतान होती दिखाई दे रही है.

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आचरेकर के अंतिम संस्कार पर सियासी घमासान, शिवसेना ने तेंदुलकर को दी यह नसीहत

सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर का 87 की उम्र में निधन हो गया

खास बातें

  1. तेदुलकर के कोच आचरेकर के अंतिम संस्कार को नहीं मिला राजकीय सम्मान
  2. शिवसेना ने राज्य सरकार के प्रति जताई नाराजगी
  3. बीजेपी ने भी जताया दुख
मुंबई:

सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर के अंतिम संस्कार पर सियासी खींचतान होती दिखाई दे रही है. दिवंगत कोच आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को मास्टर ब्लास्टर से भविष्य में सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की नसीहत दी है. राउत ने ट्वीट किया, ''पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित रमाकांत आचरेकर का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र सरकार ने राजकीय सम्मान एवं आदर के साथ क्यों नहीं किया? सरकार ने रमाकांत आचरेकर के प्रति असम्मान दिखाया है. सचिन तेंदुलकर को अब से सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करना चाहिए''

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बता दें कि आचरेकर का उम्र संबंधी बीमारियों के चलते 87 की उम्र में बुधवार को निधन हो गया था. महाराष्ट्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री ने गुरुवार को कहा था कि सरकारी स्तर पर ''संवादहीनता'' के चलते आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं हो पाया. दुनियाभर में नाम कमाने वाले कई दिग्गज खिलाड़ियों के कोच के अंतिम संस्कार के मौके पर राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले महाराष्ट्र के आवासन मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा कि आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं किया जान ''दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है.     

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तेंदुलकर, विनोद कांबली, बलविंदर सिंह, चंद्रकांत पंडित, प्रवीण आमरे, संजय बांगर और रमेश पवार जैसे क्रिकेटरों के करियर को आकार देने में उनके अहम योगदान की सरहाना करते हुए शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में कहा कि राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना ''परेशान करने वाला'' और ''दुखद'' है. 



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