यह ख़बर 28 नवंबर, 2013 को प्रकाशित हुई थी

यौन उत्पीड़न मामले में चूक के लिए शोमा चौधरी ने माफी मांगी, लेकिन आयोग संतुष्ट नहीं

यौन उत्पीड़न मामले में चूक के लिए शोमा चौधरी ने माफी मांगी, लेकिन आयोग संतुष्ट नहीं

नई दिल्ली:

लीपापोती करने का प्रयास करने के लिए निशाने पर रहीं तहलका की पूर्व प्रबंध संपादक शोमा चौधरी ने तहलका पत्रिका के संपादक तरुण तेजपाल के एक महिला पत्रकार का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने से जुड़े मामले से निपटने में हुई चूक के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष माफी मांगी। लेकिन, आयोग का कहना है कि वह शोमा की सफाई से संतुष्ट नहीं है।

गौरतलब है कि चौधरी ने गुरुवार को तहलका के प्रबंध संपादक के पद से इस्तीफा दे दिया।

चौधरी का बयान दर्ज करने के बाद एनसीडब्ल्यू ने कहा कि वह युवा महिला पत्रकार के तीन सहकर्मियों से भी पूछताछ करेगी जिन्हें उसने इस कथित यौन अपराध के बारे में जानकारी दी थी।

एनसीडब्ल्यू में गोवा की प्रभारी सदस्य शमीना शफीक ने बताया कि आयोग तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले से संबंधित सभी दस्तावेज मांगेगा।

उन्होंने कहा कि चौधरी ने राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष गवाही देने के दौरान उच्चतम न्यायालय के विशाखा मामले में दिए दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिकायत समिति की व्यवस्था करने में विफल रहने के लिए माफी मांगी।

शफीक ने कहा, 'चौधरी ने संगठन में यौन उत्पीड़न रोधी समिति की व्यवस्था नहीं करने के लिए माफी मांगी है। उन्होंने मामले से निपटने में विभिन्न चूक के लिए भी माफी मांगी है।' उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यू को चौधरी से उनके घर पर कथित तौर पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के तोड़फोड़ किए जाने के संबंध में शिकायत मिली है। इसके बाद पुलिस से अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया है।

शफीक ने कहा कि दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी को चौधरी को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने को कहा गया है।

उन्होंने कहा, 'एनसीडब्ल्यू ने दिल्ली पुलिस से चौधरी के घर में तोड़फोड़ में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है।'

चौधरी ने कहा कि उन्होंने सही परिस्थितिगत ढांचे में कार्रवाई नहीं करने के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा, 'मैंने सही तरीके से या सही परिस्थितिगत ढांचे में कार्रवाई नहीं की, इसे मैं स्वीकार करती हूं और मैंने इसके लिए माफी मांगी है। लेकिन मैं सबको यह याद दिलाना चाहूंगी कि मीडिया में तूफान खड़ा होने से पहले इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए मेरे पास सिर्फ डेढ़ दिन का समय था।'

चौधरी ने कहा कि उन्होंने एनसीडब्ल्यू के साथ पूरी तरह सहयोग किया और वे जो भी जानना चाहते थे उन्होंने उसे सबकुछ बता दिया।

उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मैंने प्रक्रियागत गलती की, लेकिन मुझपर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं और मेरी ईमानदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि मैं सांठ-गांठ करने, लीपापोती करने का प्रयास कर रही थी।

उन्होंने कहा, 'मैं बार-बार कह रही हूं कि तथ्यों को देखें। मैंने किसी व्यक्ति को माफी मांगने को कहा। मैंने उससे इस्तीफा लिया। मेरे सारे ई-मेल की प्रति सहकर्मियों और पत्रकारों को भेजी गई। किसी भी तरह से उसे लीपापोती नहीं समझा जा सकता।'

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यह पूछे जाने पर कि क्यों उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया तो चौधरी ने कहा कि उन्होंने इसलिए फैसला किया क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि उनकी सत्यनिष्ठा पर सवाल से तहलका को नुकसान होगा।

उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि ज्यादातर कार्यस्थल इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्हें संवेदनशील नहीं बनाया गया है या प्रशिक्षित नहीं किया गया है। लेकिन मैं कहती रहूंगी कि मेरी ईमानदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह मेरे लिए बेहद पीड़ादाई है। यह तहलका ब्रांड को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है। मैंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया है क्योंकि मेरे अन्य साथियों ने इस्तीफा दिया है।'