NDTV Khabar

पश्चिम बंगाल में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू, इस तारीख से मिलेगा लाभ

पश्चिम बंगाल में एक जनवरी 2020 से छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो जाएंगी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी मंजूरी

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
पश्चिम बंगाल में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू, इस तारीख से मिलेगा लाभ

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. नए वेतनमानों का भुगतान एक जनवरी से ही किया जाएगा
  2. महंगाई भत्ते (डीए) का मूल वेतन और ग्रेड वेतन में विलय
  3. ग्रेच्युटी 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की जाएगी
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने सोमवार को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. सरकार ने कहा है कि इसे अगले साल पहली जनवरी से लागू किया जाएगा. राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि कुछ मामलों में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कर्मचारियों के लिए पैनल द्वारा की गई सिफारिशों से अधिक बढ़ोतरी किए जाने को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि नए वेतनमानों का भुगतान उसी तिथि से किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने आज वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है और यह एक जनवरी, 2020 से प्रभावी होगा.'' महंगाई भत्ते (डीए) का मूल वेतन और ग्रेड वेतन में विलय कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन 100 रुपये है, तो वेतन पैनल की सिफारिशों के लागू होने के बाद यह 280.90 रुपये हो जाएगा.

एक सवाल पर मित्रा ने कहा कि राज्य सरकार कोई एरियर नहीं देगी. उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी दोगुनी होकर 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये की जाएगी. यह आयोग की सिफारिशों से 2 लाख रुपये अधिक है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से निर्देश के बाद आवास किराया भत्ता को मौजूदा 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि अनुशंसित राशि 10,500 रुपये थी.


बिहार में विश्वविद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारियों को भी मिलेगा सातवें वेतनमान का लाभ

राज्य के वित्त विभाग के एक सूत्र ने कहा कि वेतन पैनल की सिफारिशों के लागू होने से राजकोष पर सालाना लगभग 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ आने की संभावना है.

कर्मचारियों को तोहफा: बजट में मोदी सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर की 20 लाख रुपए

छठे वेतन आयोग का गठन राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन के पुनर्गठन के लिए 2016 के विधानसभा चुनाव के कुछ महीनों पहले 27 नवंबर 2015 को किया गया था. प्रो अभिरूप सरकार की अध्यक्षता वाले पैनल को छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था. हालांकि, बाद में इसे समय-समय पर विस्तार दिया गया. सरकार को यह रपट 13 सितंबर को मिली थी.

मोदी सरकार का बड़ा फैसला: अब इन सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू हुआ 7वां वेतन आयोग

टिप्पणियां

VIDEO : सातवें वेतनमान की मांग को लेकर हड़ताल



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement