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भविष्य में कांग्रेस का अध्यक्ष नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का भी हो सकता है : सोनिया गांधी

उन्होंने कहा कि साल 2004 में मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री के तौर पर इसलिए चुना था क्योंकि उन्हें अपनी सीमाओं का ज्ञान था और वह जानती थीं कि मनमोहन इस पद के लिए एक बेहतर उम्मीदवार हैं

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भविष्य में कांग्रेस का अध्यक्ष नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का भी हो सकता है : सोनिया गांधी

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुंबई में अयोजित एक कॉन्क्लेव में कई सवालों के जवाब दिए हैं

खास बातें

  1. सोनिया गांधी ने कई मुद्दों पर की बात
  2. रायबरेली से चुनाव लड़ने पर पार्टी करेगी फैसला
  3. 'राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं'
नई दिल्ली:

यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को अयोजित एक कॉन्क्लेव में कहा है कि भविष्य में कांग्रेस का अध्यक्ष नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का भी कोई नेता हो सकता है. उन्होंने कहा कि साल 2004 में मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री के तौर पर इसलिए चुना था क्योंकि उन्हें अपनी सीमाओं का ज्ञान था और वह जानती थीं कि मनमोहन इस पद के लिए एक बेहतर उम्मीदवार हैं. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी सीमाएं जानती थी. मैं जानती थी कि मनमोहन सिंह मुझसे बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे.'  पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष वर्ष 2004 में संप्रग को सत्ता में लाने के बाद भी प्रधानमंत्री नहीं बनने के फैसले पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रही थीं. रायबरेली से सांसद सोनिया ने कहा कि अगर उनकी पार्टी तय करती है तो वह साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी.

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गौरतलब है कि 71 साल सोनिया गांधी 19 वर्षों तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं. पिछले साल पार्टी के आंतरिक चुनाव के बाद उनके बेटे राहुल गांधी ने उनकी जगह ली. सोनिया गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद पहली बार बड़ी ही गहराई और गंभीरता के साथ आत्मावलोकन के लहजे में काफी व्यापक मुद्दों पर बातचीत की जिनमें उनके बच्चे, उनकी अपनी कमियां और भारत में लोकतंत्र की भूमिका जैसे मुद्दे शामिल थे.

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राहुल को सलाह देने पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “ वह अपनी जिम्मेदारी समझते हैं. यदि उन्हें जरूरत होगी तो मैं उनके साथ हूं.  मैं आगे बढ़कर सलाह देने की कोशिश नहीं करती.  वह पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ कुछ नए चेहरों को पार्टी में लाना चाहते हैं.” 

 



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