NDTV Khabar

मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट के बाद सोनिया गांधी ने राष्ट्रहित में विपक्षी दलों से एक होने की अपील की

सोनिया ने कहा कि राज्यों के मुद्दों पर बेशक विपक्षी दलों की राय अलग हो लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर सबको बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत है. 

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट के बाद सोनिया गांधी ने राष्ट्रहित में विपक्षी दलों से एक होने की अपील की

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ सोनिया गांधी.

खास बातें

  1. बजट के बाद सोनिया गांधी ने की बैठक
  2. बैठक में सोनिया ने विपक्षी दलों को भी बुलाया
  3. सभी से बीजेपी के खिलाफ एक होने की अपील
नई दिल्ली: कांग्रेस की अगुवाई में शुक्रवार को विपक्षी पार्टियों की एक बैठक हुई. इस बैठक में सोनिया गांधी ने तमाम विपक्षी पार्टियों से राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुट होने का आह्वान किया. संसद की लाइब्रेरी में हुई इस बैठक में 17 दलों ने हिस्सा लिया. सोनिया ने कहा कि राज्यों के मुद्दों पर बेशक विपक्षी दलों की राय अलग हो लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर सबको बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत है. 

बजट के बाद विपक्ष की एकजुटता दिखाने और बजट के बाद सरकार को घेरने की रणनीति तय करने के लिए ये बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में टीएमसी शामिल नहीं हुई. उल्लेखनीय है कि गुरुवार को मोदी सरकार के अंतिम पूर्णकालिक बजट को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश किया. 

यह भी पढ़ें: काले धन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, इनकम टैक्‍स ने जब्‍त की 900 से ज्‍यादा 'बेनामी' संपत्तियां

 कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बजट को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में केवल वादे किए गए हैं और 'शुक्र है कि' मोदी सरकार का केवल एक साल बचा हुआ है. राहुल ने ट्विटर पर लिखा कि राजग सरकार के चार साल बीत गए, लेकिन यह किसानों से उनके उत्पादों के बारे में उचित मूल्य के केवल वादे कर रही है.

यह भी पढ़ें: बजट में 10 करोड़ परिवारों को मेडिकल बीमा का लाभ और किसानों को बड़ी राहत, 10 बड़े ऐलान

टिप्पणियां
उन्होंने आरोप लगाए कि सरकार इस दौरान केवल तड़क-भड़क वाली योजनाओं के साथ आगे आई और देश के युवाओं को रोजगार मुहैया नहीं कराया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'चार वर्ष बीत गए, अब भी किसानों से उचित मूल्य के वादे किए जा रहे हैं. चार साल बीत गए, तड़क-भड़क वाली योजनाएं.

VIDEO: बजट पर क्या बोल मनमोहन सिंह

चार साल बीत गए युवकों को नौकरी नहीं मिली. शुक्र है कि एक साल और बचा हुआ है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement