दुर्गाशक्ति मामले में समाजवादी पार्टी ने शुरू की आंतरिक जांच

दुर्गाशक्ति मामले में समाजवादी पार्टी ने शुरू की आंतरिक जांच

खास बातें

  • आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के मामले में सरकार की किरकिरी पर समाजवादी पार्टी (सपा) अब काफी गंभीर हो गई है। पार्टी ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। सरकार अभी जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती है, लेकिन नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सपा नेता पार्
लखनऊ:

आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के मामले में सरकार की किरकिरी पर समाजवादी पार्टी (सपा) अब काफी गंभीर हो गई है। पार्टी ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। सरकार अभी जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती है, लेकिन नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सपा नेता पार्टी की जांच समिति के राडार पर हैं।

सपा इस मामले में गोपनीय तौर पर जांच करा रही है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार कोई कड़ा फैसला ले सकती है। नोएडा के कुछ सपा नेता पर गाज गिरना तय है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीते मंगलवार को जिले के कुछ नेताओं को लखनऊ तलब कर पार्टी आलाकमान पूरी घटना के बारे में जानकारी ले चुका है। इसके बाद जांच का निर्णय लिया गया। पूरे प्रकरण में नोएडा के एक नेता की भूमिका महत्वपूर्ण है, जिसने वरिष्ठ नेताओं के सामने मामले की पूरी पोल खोल दी है।
दुर्गा शक्ति निलंबन के मामले में प्रदेश सरकार भले ही अपने फैसले पर अड़ी है, लेकिन इसका नफा-नुकसान भी निकाला जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक सपा के प्रदेश स्तर के एक नेता ने स्वीकार किया कि यह इतना बड़ा मामला नहीं था। इसे बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत किया गया। इसके पीछे जिले के कुछ सपा नेताओं का ही हाथ है। प्रदेश सरकार को वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया होता, तो मामला इतना तूल नहीं पकड़ता। सरकार इस मसले पर फैसला ले चुकी है, इसलिए बैकफुट पर नहीं आना चाहती है।
मामला शांत होने का इंतजार किया जा रहा है। पूरे मामले पर प्रदेश सरकार गंभीरता से जांच करा रही है।

निलंबित एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, जिलाधिकारी, एलआईयू, तहसीलदार व लेखपाल तक की रिपोर्ट को जांच में शामिल किया गया है। लेखपाल से लेकर डीएम की रिपोर्ट में एकरूपता पाए जाने पर प्रदेश सरकार खुद हैरान है। सरकार इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती।

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मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं व एक पीसीएस अधिकारी को लगाया गया है। जांच की इस पूरी प्रक्रिया को अधिकारिक तौर पर गोपनीय रखा गया है।

जांच टीम में शामिल सपा के नेताओं ने गांव में जाकर घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। इस टीम में दूसरे जिलों के सपा नेता शामिल किए गए हैं, ताकि जांच के दौरान उनकी पहचान नहीं हो सके।