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शराब के जरिए रुपयों के लिए राज्य कर रहे हाइवे को डिनोटिफाई : सुप्रीम कोर्ट

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शराब के जरिए रुपयों के लिए राज्य कर रहे हाइवे को डिनोटिफाई : सुप्रीम कोर्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाइवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाइवे को डिनोटिफाई सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि शराब की दुकानें बंद न हों और राज्यों को पैसा मिल सके. बड़ी सड़कों को जिला सड़क का नाम दिया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में स्टेट हाइवे को डिनोटिफाई करने के खिलाफ याचिका पर ये टिप्पणी की. हालांकि कोर्ट ने कहा कि फिलहाल इस मामले की सुनवाई गर्मियों की छुट्टियों के बाद करेगा.
 
राष्ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाइवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए चंडीगढ़ में हाइवे को डिनोटिफाई करने का मामला आखिरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट अब ये तय करेगा कि क्या इस तरह हाइवे को डिनोटिफाई किया जा सकता है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कई राज्यों में हाइवे को डिनोटिफाई करने की कार्रवाई की जा रही है.

दरअसल, चंडीगढ़ में कई जगह हाइवे का नाम बदलकर ' मेजर डिस्ट्रिक रोड' का नाम कर दिया गया है. इसी को लेकर एराइव सेफ इंडिया NGO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला जनहित में लिया था क्योंकि इससे सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन का सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निष्प्रभावी करने के लिए 16 मार्च 2017 का नोटिफिकेशन अवैध है और रद्द किया जाना चाहिए, हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट इस याचिका को खारिज कर चुका है.
 
राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाइवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानों पर रोक का मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि हाइवे पर शराब की दुकानों पर रोक जारी रहेगी हालांकि हाइवे के किनारे किसी कस्बे में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले इलाकों में 220 मीटर तक दुकानें नहीं होंगी. हाइवे किनारे बार और रेस्तरां में भी शराब नहीं बिकेगी. जिन राज्यों में शराब के लाइसेंस 15 दिसंबर से पहले दिए गए और वहां लाइसेंस 30 सितंबर तक चल जाएंगे.

दरअसल- पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाइवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी. हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं वे खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, तक इस तरह की दुकानें चल सकती हैं.


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