केंद्र के हमले से किसानों को बचाने के लिए राज्य के कानूनों में हो संशोधन: अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि किसानों को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों से बचाने के लिए राज्य कानूनों में संशोधन कर सकता है. अमरिंदर सिंह ने एक बयान में कहा, "हम पहले से ही कानूनी और कृषि विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर रहे हैं.''

केंद्र के हमले से किसानों को बचाने के लिए राज्य के कानूनों में हो संशोधन: अमरिंदर सिंह

पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो).

चंडीगढ़:

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि किसानों को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों से बचाने के लिए राज्य कानूनों में संशोधन कर सकता है. अमरिंदर सिंह ने एक बयान में कहा, "हम पहले से ही कानूनी और कृषि विशेषज्ञों के साथ परामर्श कर रहे हैं.'' बता दें कि कृषि बिल के चलते सत्तारूढ़ भाजपा को शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की कीमत चुकानी पड़ी. रविवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इन विधेयकों पर हस्ताक्षर कर दिए. जिसके साथ ये विधेयक कानून बन गए.

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मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में उनकी जयंती पर सोमवार को विरोध प्रदर्शन करेंगे. यह अमरिंदर सिंह का कृषि बिल के खिलाफ पहला सार्वजनिक विरोध होगा. अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रपति कोविंद ने तीन "असंवैधानिक और किसान विरोधी बिल पर हस्ताक्षर किए.  

अमरिंदर सिंह ने कहा, "राष्ट्रपति की सहमति किसानों के लिए एक बड़ा झटका है, जो सड़कों पर अपने हितों पर हमले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं." अमरिंदर सिंह ने कहा, '' अपने मौजूदा स्वरूप में इन खतरनाक नए कानूनों को लागू करने से पंजाब की कृषि, इसकी अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा नष्ट हो जाएगी. '

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भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को तीन विवादास्पद कृषि क्षेत्र के बिलों पर तीखे मतभेदों के बाद सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ दिया. इसके साथ, शिअद शिवसेना और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के बाद एनडीए से बाहर निकलने वाला तीसरा प्रमुख राजग सदस्य बन गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सुधारों के रूप में बिलों का बचाव किया है. 
 

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