NDTV Khabar

दक्षिणपंथी विचारधारा पर रोक, संसदीय समिति ने ट्विटर के अफसरों को तलब किया

स्थायी समिति सदस्य विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि 11 फरवरी को ट्विटर इंडिया के अधिकारियों को एक्जामिन किया जाएगा

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. राजनीति में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बहस छिड़ गई
  2. सिब्बल ने कहा- दक्षिणपंथी सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते रहे हैं
  3. NCP ने कहा- सोशल मीडिया की सामग्री पर नजर रखने के लिए एजेंसी की जरूरत
नई दिल्ली:

क्या ट्विटर पर दक्षिणपंथी विचारधारा की सामग्री को रोका जा रहा है? बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने यह आरोप लगाया है और संसदीय समिति ने ट्विटर के अधिकारियों को तलब कर लिया है. इसी के साथ सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बहस छिड़ गई है.

11 फरवरी को ट्विटर इंडिया के अधिकारी संसदीय समिति के सामने पेश होंगे. उनसे पूछताछ होगी कि क्यों एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों के एकाउंट ब्लॉक किए गए हैं.

ट्विटर के रवैये के खिलाफा विरोध बढ़ता जा रहा है. ट्विटर पर आरोप लग रहा है कि एक विशेष विचारधारा से जुड़ी सामग्री ब्लॉक की जा रही है. इस शिकायत के बाद संसद की स्थायी समिति ने ट्विटर के बड़े अधिकारियों को 11 तारीख को पेश होने को कहा है.

अलका लाम्बा का दावा: केजरीवाल ने उन्हें ट्विटर पर अनफॉलो किया, पार्टी ने WhatsApp ग्रुप से भी हटाया


संसद की आईटी की स्थायी समिति के सदस्य विनय सहस्त्रबुद्धे ने NDTV से कहा कि 'हम 11 फरवरी को ट्विटर इंडिया के अधिकारियों को एक्जामिन करेंगे. आईटी की स्थायी समिति के चेयरमैन के पास शिकायत आई है कि एक विशेष विचारधारा के लोगों के खिलाफ भेदभाव हो रहा है और ट्विटर पर एक विशेष विचारधारा को रोकने की कोशिश हो रही है. ट्विटर इंडिया को यह समझना होगा कि भारत एक लोकतंत्र है, कोई बनाना रिपब्लिक नहीं.'

ट्विटर पर मायावती की धूम, जानें वह किन्हें करती हैं फॉलो और अब तक कितने हुए फॉलोअर्स

इन दिनों सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर जमकर राजनीति हो रही है. इसमें सूचनाएं, प्रचार, अफवाह सब शामिल हैं. पूर्व आईटी मंत्री कपिल सिब्बल का आरोप है कि दक्षिणपंथी संगठन सोशल मीडिया का जमकर दुरुपयोग करते रहे हैं. कपिल सिब्बल ने NDTV से कहा, "मुझे दुख है कि जो लोग 2014 से पहले और बाद ट्रोलिंग करते थे, सारे हाईवे को ब्लॉक करते थे वे अब शिकायत कर रहे हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है. मुझे उनसे हमदर्दी है."

VIDEO : नेताओं की बदलती चुनावी भाषा

टिप्पणियां

वैसे कई सांसदों की राय है कि सोशल मीडिया की सामग्री पर नजर रखने के लिए कोई नियमन एजेंसी होनी चाहिए. एनसीपी नेता और राज्यसभा सांसद माजिद मेमन कहते हैं , "सोशल मीडिया आजकल काफी पब्लिक ओपीनियन को प्रभावित कर क्रेशिंग कर रहा है. सोशल मीडिया पर कंटेंट रेगुलेट करने के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी सेटअप की जानी चाहिए."



NDTV.in पर विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के तहत हरियाणा (Haryana) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने जा रहे चुनाव से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरें (Election News in Hindi), LIVE TV कवरेज, वीडियो, फोटो गैलरी तथा अन्य हिन्दी अपडेट (Hindi News) हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement