NDTV Khabar

केरल : अभिभाषण बाधित करने पर राज्‍यपाल बोले, 'विपक्षी सदस्‍य या तो चुप बैठें या बाहर चले जाएं'

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
केरल : अभिभाषण बाधित करने पर राज्‍यपाल बोले, 'विपक्षी सदस्‍य या तो चुप बैठें या बाहर चले जाएं'
तिरुवनंतपुरम:

अभिभाषण के दौरान बाधा पैदा करने पर विपक्ष पर केरल के राज्यपाल पी. सतशिवम ने विधानसभा के इस साल के सत्र के पहले दिन उस समय इतिहास रच दिया, जब उन्होंने उनके संबोधन को बाधित करने की कोशिश कर रहे माकपा नेतृत्व वाले एलडीएफ विपक्ष के सदस्यों को 'चुपचाप बैठने या सदन से बाहर चले जाने' को कहा। पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने एलडीएफ के सदस्यों द्वारा उनके पारंपरिक नीतिगत संबोधन को बाधित करने की कोशिश बार-बार किए जाने पर यह टिप्पणी की।

सौर ऊर्जा मामले में निशाने पर हैं सीएम चांडी
विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहे एलडीएफ सदस्य बार-बार सौर घोटाले में रिश्वत के आरोपों का सामना कर रहे मुख्यमंत्री ओमन चांडी और उनके मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगियों के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विधानसभा के सूत्रों के अनुसार, राज्य विधानसभा में यह पहली बार है जब राज्यपाल ने विपक्ष को फटकार लगाई है। पूर्व में इसी तरह की घटनाएं होने पर राज्यपाल या तो अपने संबोधन की अवधि में कटौती कर देते थे या फिर संबोधन की प्रति को सदन पटल पर रख देते थे, जिससे उसे पढ़ा हुआ मान लिया जाता है। विरोध प्रदर्शन जारी रहने पर नाराज राज्यपाल ने विपक्ष से कहा कि वह उन्हें संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करने दे। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से अनुरोध किया कि वे 'या तो चुपचाप बैठें या फिर सदन छोड़कर चले जाएं'। राज्यपाल ने संयम बनाए रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि उन्हें अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन करना है।

टिप्पणियां

मुझे संवैधानिक कर्तव्‍य को निभाने दें
जब एलडीएफ के कुछ सदस्यों ने राज्यपाल से उनका संबोधन सदन पटल पर रखने का अनुरोध किया तो सदाशिवम ने कहा, 'मेरे पास पूरी उर्जा है और मैं इसे धीरे-धीरे पढ़ूंगा।' राज्यपाल ने कहा, 'आपने लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन करके अपनी बात उठाई है। आप इस सरकार का विरोध कर रहे हैं। यह काफी है। आपको मुझे मेरे संवैधानिक कर्तव्य का निवर्हन करने देना चाहिए। मैं आपकी हर आपत्ति पर गौर कर रहा हूं।'


बर्दाश्‍त करने की भी एक सीमा है
उन्होंने माकपा के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता वीएस अच्युतानंदन को संबोधित करते हुए कहा, 'पूरा देश देख रहा है। लोग आपकी आपत्ति पर गौर कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इसकी एक सीमा है। एक बिंदु के बाद इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।' यही नहीं,  राज्यपाल ने विपक्ष को संविधान पढ़ने के लिए भी कह दिया।



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement